साभार: भास्कर समाचार
फिल्म पद्मावती को लेकर राजस्थान सहित देशभर में शुक्रवार को भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहे। इस बीच शुक्रवार को फिल्म के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर दी गई। उच्चतम न्यायालय भी इस अर्जी पर
सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। वकील एमएल शर्मा द्वारा दायर इस अर्जी में मांग की गई है कि फिल्म पद्मावती से आपत्तिजनक सीन हटाए जाएं। इससे पहले बीते 10 नवंबर को भी सुप्रीम कोर्ट में इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने संबंधी याचिका को अस्वीकार कर दिया था। दूसरी ओर, राजस्थान के चित्तौड़, बीकानेर, भीलवाड़ा, कोटा, अजमेर जयपुर सहित अन्य शहरों में इस फिल्म का विरोध जारी है। शुक्रवार को सर्वसमाज के आह्वान पर चित्तौड़गढ़ किला बंद रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने यहां पहुंचे पर्यटकों को गुलाब का फूल देकर वापस लौटा दिया। करणी सेना ने शनिवार को ऐतिहासिक कुंभलगढ़ दुर्ग बंद करने की चेतावनी दी है। सुबह 10 बजे दुर्ग पर सर्व समाज की आमसभा भी होगी।
भंसाली के पुतले पर तलवारें चलाई, पत्थर बरसाए: भीलवाड़ा के भगवानपुरा में ग्रामीणों कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड पर सुबह 11 बजे फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला जलाया। इससे पहले इस पुतले पर तलवारें चलाई और पत्थर बरसाए गए। लोगों ने कहा कि फिल्म में मेवाड़ के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हिंदू युवा संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति से इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की।
चित्तौड़गढ़ - पाडनपोल पर रैली, 3500 पर्यटकों को लौटाया: फिल्मपद्मावती के विरोध में पाडनपोल पर धरना दे रहे सर्व समाज के लोगों ने शुक्रवार को किले का मुख्यद्वार बंद कर दिया और पर्यटकों को प्रवेश नहीं करने दिया। किले के पाडनपोल प्रवेशद्वार पर प्रदर्शनकारियों ने पर्दा लगाकर वहीं पर सभा की और दिनभर धरने पर बैठे रहे। हालांकि शाम पांच बजे सांसद सीपी जोशी के प्रधानमंत्री से वार्ता कर जल्द समाधान करवाने के आश्वासन पर शाम पांच बजे किले का द्वार खोल दिया गया, लेकिन चेतावनी भी दी गई कि अगर छह दिन में मांग पूरी नहीं की गई तो अगले शुक्रवार को किला वापस बंद कर दिया जाएगा।