Friday, November 17, 2017

HRMS: अगले महीने आधे कर्मियों की अटकेगी सेलरी: सख्ती के बावजूद नहीं अपडेट हो पा रही ई-सर्विस बुक

साभार: जागरण समाचार 
हरियाणा के आधे से अधिक सरकारी कर्मचारियों को नवंबर माह की तनख्वाह नहीं मिल पाएगी। इसकी वजह एचआरएमएस (ह्यूमन रिसर्च मैनेजमेंट सिस्टम) में इन कर्मचारियों का डाटा फीड नहीं होना या अधकचरी
जानकारी देना है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर सोमवार तक पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं किया गया तो कर्मचारी अगले महीने मिलने वाले नवंबर के वेतन की उम्मीद न रखें। पूरी जानकारी अपलोड होने के बाद ही वेतन जारी किया जाएगा।  
ज्यादातर विभागों में अभी तक पोर्टल पर कर्मचारियों का डाटा अपलोड नहीं हो सका है। तकनीकी दिक्कतों के साथ नोडल अधिकारियों और खुद कर्मचारियों की सुस्ती समस्या को और बढ़ा रही है। खासकर शिक्षा विभाग में समस्या ज्यादा है। एचआरएमएस में डाटा फीड करने के लिए स्कूल इंचाजरे को पासवर्ड दिया गया है, लेकिन डाटा फीड करने में सभी जगह दिक्कतें आ रही है। प्रदेश के 15 हजार स्कूलों में करीब 1.60 लाख शिक्षक और करीब 40 हजार अन्य स्टाफ है। इनमें आधे ऐसे हैं जिन्होंने या तो गलत जानकारी दी या फिर डाटा फीड ही नहीं किया। कई कर्मचारियों का सेवा सत्यापन, छुट्टी खाता, सर्विस ब्रेक, जीपीएफ से जुड़े मामले, ऋण, एलटीसी, ड्यूटी से अनुपस्थिति, कोर्ट के मामले और पदोन्नति रिकॉर्ड भी पोर्टल पर अपडेट नहीं हैं। 
विभाग के बार-बार निर्देश मिलने के बाद भी कर्मचारी सुस्त हैं। शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर 20 नवंबर तक कर्मचारियों का अधूरा पड़ा डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
कर्मचारी नहीं गंभीर: ई-सर्विस बुक कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जिसकी हार्ड कॉपी यानी फाइल को हर समय अपडेट करने की चिंता करने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके बावजूद ज्यादातर कर्मचारी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। पहले विभाग ने सितंबर तक एचआरएमएस पर डाटा अपलोड करने का समय देते हुए शर्त रख दी थी कि सभी कर्मचारियों की डिटेल मिलने के बाद ही उस माह का वेतन जारी किया जाएगा। बाद में दीपावली के कारण सरकार ने इसमें ढील दी और कर्मचारियों की तनख्वाह मैनुअल आधार पर दे दी गई।
तकनीकी दिक्कतें बढ़ा रहीं मुश्किलें: डाटा अपलोड करने में तकनीकी गलतियां कर्मचारियों पर भारी पड़ रही हैं। कहीं मुख्य शिक्षक ने खुद को जेबीटी शो कर दिया तो कहीं एमआइएस पोर्टल से ट्रांसफर होने वाले टीचर परेशान हैं। कई टीचर एमआइएस में पुराने स्टेशन पर शो हो रहे हैं, जबकि उनकी सेलरी नए स्टेशन पर खाली पड़े पद पर बन रही है।