साभार: जागरण समाचार
हरियाणा ई-लर्निंग डिजिटलाइजेशन अपनाने वाला देश का पहला प्रदेश बन गया है। यहां के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अब डिजिटल पढ़ाई होगी। कॉलेज छात्र तीन हजार शिक्षकों द्वारा तैयार 44 हजार घंटे की
अध्ययन सामग्री डाउनलोड करने के बाद ऑफलाइन पढ़ सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कंसोर्टियम फोर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल, शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ की मौजूदगी में उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय सिंह दहिया और सीईसी के निदेशक प्रो. राजबीर सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छह महीने पहले राजबीर सिंह ने उनसे मिलकर इस विषय पर चर्चा की थी। उसी कड़ी में दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने सीईसी केंद्र का अवलोकन किया। उसी दिन उन्होंने हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए इसे उपलब्ध करवाने की मंशा बना ली थी। निश्चित रूप से यह प्रतिस्पर्धा के रूप में न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि अध्यापकों के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार के उच्चतर शिक्षा में किए गए काम को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी गुरुग्राम में अपना एक महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव भेजा है।
वाईएमसीए में शुरू होंगे पांच नए कोर्स: प्रदेश सरकार ने वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद को पांच नए कोर्स शुरू करने की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 35 शैक्षिक और 78 गैर शैक्षिक पदों के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी। नए कोसोर्ं में कैमिस्ट्री, फिजिक्स और मैथ में बीएससी (ऑनर्स) तथा कैमिस्ट्री और पर्यावरण विज्ञान में एमएससी शामिल है। स्वीकृत 35 शैक्षिक पदों में दो पद प्रोफेसर, पांच एसोसिएट प्रोफेसर और 28 पद असिस्टेंट प्रोफेसर के होंगे।