Thursday, November 16, 2017

स्मॉग पर बात करने गए केजरीवाल मैली यमुना पर घिरे; खट्‌टर बोले- हम साफ पानी देते हैं, दिल्ली प्रदूषित कर रही

साभार: भास्कर समाचार
दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की समस्या पर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्‌टर से बात करने पहुंचे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल मैली यमुना पर घिर गए। खट्‌टर ने कहा, 'यहां से हम आपको साफ पानी देते हैं, लेकिन दिल्ली में यमुना इतनी प्रदूषित हो जाती है कि मेवात, पलवल, फरीदाबाद समेत कई जिलों को परेशानी होती है। दिल्ली पहले इसे सुधारे।' केजरीवाल ने माना कि यह समस्या है। सुधार के लिए छोटे-छोटे ट्रीटमेंट प्लांट लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में हम रोजाना करीब 900 एमएलडी पानी ट्रीटमेंट करते हैं। उसमें से 720 एमएलडी पानी वापस गंदा होकर बाहर आता है। बढ़ती आबादी भी इसमें बड़ी समस्या बन रही है। बैठक में दिल्ली के अधिकारियों ने माना कि सिर्फ पराली जलाने से ही स्मॉग की समस्या पैदा नहीं हुई। अफगानिस्तान और सऊदी अरब का डस्ट स्टॉर्म, यमुना और गंगा के कारण बढ़ी नमी, हवा लगभग बंद होना, वाहनों और इंडस्ट्री का धुआं भी इसकी वजह हैं। हवा चलने से अब मौसम काफी साफ हुआ है।
केजरीवालबुधवार दोपहर करीब 12.15 बजे चंडीगढ़ पहुंचे। हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर के साथ उनकी यह बातचीत पहले सचिवालय में होनी थी, लेकिन बाद में सीएम निवास पर हुई। बातचीत के बाद दोनों मुख्यमंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि अगली सर्दियों में ऐसे हालात से बचने के लिए पहले से तमाम उपाय किए जाएंगे। वायु प्रदूषण के मुद्दे पर दोनों राज्यों में संयुक्त प्रयास करने पर सहमति बनी। हरियाणा दिल्ली वायु और जल प्रदूषण के अन्य स्रोतों पर विचार मंथन करेंगे। विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के लिए हरियाणा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आनंद मोहन शरण को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। बैठक में हरियाणा के पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन, हरियाणा के मुख्य सचिव डी.एस. ढेसी, पर्यावरण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल समेत दिल्ली और हरियाणा के कई अधिकारी मौजूद थे। 
  • स्मॉग पर हरियाणा के सीएम की पहल अच्छी है। सबका इलाका अलग है पर हवाओं पर किसी का कंट्रोल नहीं है। टॉप नेतृत्व राजनीतिक एजेंडे से हटकर समस्या के समाधान के लिए प्रयास करे। - अरविंद केजरीवाल 
  • प्रदूषण दिल्ली ही नहीं, पूरे उत्तर भारत की समस्या है। इसका कारण सिर्फ पराली जलाना नहीं है। 8-9 बिंदुओं पर समाधान की योजना बनाई है। हरियाणा में पराली जलाने पर काफी अंकुश लगा है। - मनोहर लाल खट्‌टर