Tuesday, November 21, 2017

राहुल को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की तारीख 5 दिसंबर तय

साभार: भास्कर समाचार
राहुल गांधी की अगली भूमिका को लेकर एक दशक से जारी अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने उन्हें नेतृत्व सौंपने की तारीख तय कर दी है। गुजरात में मतदान से ऐन पहले 5 दिसंबर को 47 साल के राहुल का
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय है। कांग्रेस कार्यसमिति ने सोमवार को अध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम को मंजूरी दी। 1 से 4 दिसंबर तक नामांकन भरे जाएंगे और 5 को स्क्रूटनी होगी। एक से ज्यादा नामांकन होने पर 16 को वोटिंग और 19 को नतीजे आएंगे। लेकिन, कांग्रेस सूत्र कह रहे हैं कि राहुल के खिलाफ कोई नहीं खड़ा होगा। ऐसे में 5 दिसंबर को ही वे निर्विरोध चुन लिए जाएंगे। गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को दो चरणों में वोटिंग होगी। कांग्रेस में सोनिया सबसे ज्यादा 19 साल से अध्यक्ष हैं। वे सोनिया गांधी की जगह लेंगे। कांग्रेस राहुल की ताजपोशी को गुजरात चुनाव के लिए बड़ा फैक्टर मानकर चल रही है। 
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले नेहरू-गांधी परिवार के छठे शख्स होंगे 
  • 132 साल में नेहरू-गांधी परिवार 44 साल अध्यक्ष रहा; मोतीलाल से राजीव तक 25 साल रहे, सोनिया सबसे ज्यादा 19 साल रहीं। 
  • परिवार में जवाहरलाल नेहरू सबसे कम 40 साल की उम्र तो सोनिया सबसे ज्यादा 52 की उम्र में अध्यक्ष बनी थीं। 
  • 13 साल पहले राजनीति में आए राहुल 2004 में अमेठी से जीते थे। तभी से उन्हें अहम जिम्मेदारी देने की मांग उठ रही है। 
  • राहुल जनवरी 2013 में कांग्रेस के उपाध्यक्ष चुने गए थे। उसके बाद से कांग्रेस 31 में से करीब 23 चुनाव हार चुकी है। 

मुख्य संरक्षक बन सकती हैं सोनिया: कांग्रेस और यूपीए के घटक दलों को एक सूत्र में बांधे रखने में सोनिया की भूमिका अहम है। ऐसे में वे कांग्रेस की मुख्य संरक्षक बन सकती हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'सोनिया हमारी मार्गदर्शक हैं। उनका कुशल नेतृत्व और दिशा-निर्देश हमेशा उपलब्ध रहेंगे।'
पहले भी दाे उपाध्यक्ष रहे, पर पीएम नहीं बने: कांग्रेस में उपाध्यक्ष बनने वाले राहुल तीसरे नेता हैं। उनसे पहले उपाध्यक्ष रहे दो नेताओं का राजनीतिक करियर ज्यादा ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया। 1986 में अर्जुन सिंह और 1997 में जितेंद्र प्रसाद इस पद पर रहे थे, लेकिन उपाध्यक्ष बनने के बाद दोनों ही प्रधानमंत्री नहीं बन पाए। 
शीतकालीन सत्र टालने पर सोनिया का तंज; बोलीं- मोदी में संसद का सामना करने की हिम्मत नहीं: सोनिया ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के खिलाफ नाराजगी के चलते मोदी संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि 2011 में कांग्रेस भी ऐसा कर चुकी है।