Monday, November 20, 2017

मय्यड़ में टोल नीति के खिलाफ खाप इनेलो का प्रदर्शन, 30 तक टोल हटाने की दी चेतावनी

साभार: भास्कर समाचार
मय्यड़-रामायण गांव के पास टोल प्लाजा पर रविवार को इनेलो, खाप और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश में टोल टैक्स की नीति निर्धारण में गड़बड़झाले का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी
दी। साथ ही इस मुद्दे पर प्रदेश के मुख्य सचिव, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, केंद्रीय यातायात मंत्रालय और उपायुक्त को नोटिस भेजे गए हैं। टोल नाकों के खिलाफ विभिन्न खापों और गांवों की महापंचायत में हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चाैटाला ने कहा कि वर्तमान केंद्र और प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का नतीजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को 30 नवंबर तक टोल हटाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बात नहीं मानी तो 1 दिसम्बर से आंदोलन शुरू कर देंगे। 
सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसान जब अपनी फसल के लिए पेट्रोल-डीजल खरीदता है तो भी उसे 1 रुपए प्रति लीटर की दर से रोड टैक्स के रूप में देना पड़ रहा है। डीजल-पेट्रोल पर यह वसूली केंद्र सरकार पिछले एक दशक से भी अधिक समय से कर रही है कि जनता के लिए रोड बनाए जाएंगे। अब रोड बनाए जा रहे हैं तो निजी कंपनियों को ठेका देकर और उसकी वसूली जनता की जेब से की जा रही है। सांसद चौटाला ने केंद्र एवं राज्य सरकार को चेताया कि अब टोल के नाम हो रही अवैध वसूली नहीं चलने दी जाएगी। हिसार के चारों ओर लगे टोल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियमों के खिलाफ हैं। 
सांसद ने कहा कि हिसार से बरवाला अगर खुद की गाड़ी में कोई सफर करे तो अप-डाउन में तेल तो 100 रुपए का खर्च होता है और टोल के 170 रुपए अदा करने पड़ रहे हैं। सांसद ने कहा कि हांसी से डबवाली जाते समय 4 टोल बीच में आएंगे। जिस पर यात्री टोल देकर अपने को लुटवा बैठता है। सांसद ने सरकार को टोल स्थापित करने का कानून समझाते हुए कहा कि टोल की दूरी 60 किलोमीटर तक होनी चाहिए, जबकि मय्यड़ से चिकनवास की दूरी 37.9 किलोमीटर है। इसी तरह नियमों के अनुसार शहर की सीमा से टोल 10 किलोमीटर दूर होना चाहिए। हांसी सीमा से टोल की दूरी मात्र 3. 7 किलोमीटर तथा हिसार सीमा से मात्र 3.9 किलोमीटर है, जो कानूनन गलत है। 
हिसार ही नहीं दूसरे जिलों में भी टोल का मामला उलझा हुआ है। नरवाना के टोल टैक्स को नरवाना शहर की बजाय नरवाना गांव दिखाया गया है। सरकार पर आरोप लगाते हुए दुष्यंत ने कहा कि पेट्रोल डलवाने पर प्रति लीटर एक रुपया और सेस के नाम पर 1 रुपया वसूल रही है। इसी तरह गाड़ी की रजिस्ट्रेशन के दौरान भी आम लोगों से वसूली की जा रही है। 
लितानी की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी: दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वह पार्टी विशेष से जुड़े हैं, इसलिए टोल टैक्स जैसे संवेदनशील मामले में एक संयुक्त कमेटी बनाएं। इसमें खापों, पंचायतों और विभिन्न वर्गों से जुड़े मुख्य लोगों को शामिल करें, ताकि एकजुट होकर आवाज उठाई जा सके। इसके लिए उन्होंने इनेलो जिला प्रधान राजेंद्र लितानी ने को अधिकार दिया कि वह गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ें और उनकी राय लें। 

दूसरे सांसदों-विधायकों को भी सौंपें ज्ञापन: दुष्यंतने कहा कि यह एक पार्टी या कोई नेता विशेष का मुद्दा नहीं है। टोल टैक्स पूरे प्रदेश पर भारी है। लोगों को इनेलो के अलावा अन्य दलों के सांसदों और विधायकों को भी इस संदर्भ में ज्ञापन देने चाहिए, ताकि सरकार के कानों में ज्यादा से ज्यादा आवाज गूंजे।