Friday, November 17, 2017

प्रद्युम्न हत्याकांड: फुटेज में प्रद्युम्न, अशोक आरोपी छात्र टॉयलेट की तरफ जाते दिखे, अब 20 को होगी सुनवाई

साभार: भास्कर समाचार
रेयान स्कूल के छात्र प्रद्युम्न हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश रजनी यादव की कोर्ट में हुई। सीबीआई, आरोपी अशोक और प्रद्युम्न के वकीलों ने अपनी दलीलें दी। सीबीआई ने कोर्ट
में मामले से संबंधित दस्तावेज पेश किए। वकीलों की बहस करीब ढाई घंटे में भी जब पूरी नहीं हुई तो कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 20 नवंबर तय की है। 
आरोपी कंडक्टर अशोक की जमानत केस की सुनवाई कोर्ट में गुरुवार सुबह 10.20 पर शुरू हुई। करीब एक घंटे की सुनवाई के बाद मामले पर बहस के लिए लंच के बाद का समय तय हुआ। 2 बजे दोबारा बहस शुरू हुई जो करीब सवा 4 बजे तक चली। इस दौरान कोर्ट ने सीबीआई द्वारा पेश की गई वारदात स्थल की सीसीटीवी फुटेज देखी। आरोपी अशोक के वकील मोहित वर्मा ने बताया कि फुटेज में टॉयलेट की ओर पहले प्रद्युम्न, इसके पीछे अशोक और आखिर में 11वीं का आरोपी छात्र जाते दिखा। फुटेज को तीन चार बार देखकर मौके के हालत को जानने की कोशिश की गई। इधर, गुरुवार को हरियाणा मानवाधिकार आयोग की चेयरपर्सन रीतू गर्ग ने गुरुवार को नीलम-बाटा रोड स्थित बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी व्यवस्थाएं चेक कीं। 

मोहित ने कोर्ट से आग्रह किया कि सीबीआई प्रद्युम्न की हत्या के मामले की जांच कर रही है। एजेंसी ने उसी स्कूल के 11वीं के छात्र को आरोपी बनाया है। इसलिए अशोक को जमानत दी जाए। अब तक सीबीआई ने अशोक को आरोपी नहीं माना है। उसे जेल में रखना न्यायोचित नहीं होगा। 
अभीमामले की जांच चल रही है - सीबीआई: सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि अब तक की जांच में अशोक के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी नहीं हुई है, अभी चार्जशीट पेश नहीं की गई है। इसलिए अशोक को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती है। सीबीआई ने जमानत दिए जाने का ना तो विरोध किया और ना ही समर्थन। 
सबूत मिटा सकता है अशोक - प्रद्युम्न का वकील: कोर्टमें प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर और उनके वकील सुशील टेकरीवाल मौजूद रहे। वकील सुशील ने कोर्ट से कहा कि आरोपी अशोक को राहत नहीं मिलनी चाहिए। सीबीआई ने उसे क्लीन चिट नहीं दी है। अभी कई और साक्ष्य सामने सकते हैं। अशोक को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। आरोपी बाहर जाकर साक्ष्य मिटा सकता है। उन्होंने मामले में जुटे सभी साक्ष्यों को कोर्ट के सामने रखा। 
पंचकूलाकोर्ट में सुनवाई करने की मांग 
सुनवाईके दौरान प्रद्युम्न के वकील सुशील ने कहा कि इस केस की सुनवाई पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में होनी चाहिए। इस पर सीबीआई के वकील ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से नोटिफिकेशन है कि वे कहीं भी केस का ट्रायल करा सकते हैं।