Tuesday, November 21, 2017

15000 ITI छात्र सभी विभागों में करेंगे ट्रेनिंग विभाग को 10% छात्र रखना जरूरी, मिलेगा 6955 रुपए मानदेय

साभार: भास्कर समाचार
हरियाणा सरकार ने सभी विभागों में कार्यरत कुल कर्मचारियों का 10 प्रतिशत आईटीआई छात्रों को एक वर्ष तक बतौर इन्टर्न रखने के निर्देश दिए हैं। आईटीआई से व्यावसायिक पाठ्यक्रम करने वाले विद्यार्थी सरकारी तंत्र से
प्रशिक्षण पा सकेंगे। योजना शुरू होने के प्रथम वर्ष में सरकार ने 15000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिलाने का बीड़ा उठाया है। अब तक विद्यार्थी पढ़ाई के बाद प्राइवेट कंपनियों में प्रशिक्षण के लिए प्रयासरत रहते थे। नए आदेश सभी सरकारी विभागों पर लागू होते हैं। इसमें स्टेनोग्राफी, कंप्यूटर आॅपरेटिंग एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट जैसे ट्रेडों में पास होने वाले छात्रों को अब तक अपनी ट्रेड के अनुसार कंपनियों में प्रशिक्षण के लिए काफी दिक्कत उठानी पड़ती थी, इससे उन्हें आसानी से प्रशिक्षण मिल सकेगा। लघु सचिवालय में नगराधीश शालिनी चेतल ने सभी विभागों को जानकारी देने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की ट्रेनिंग के लिए जिला शिक्षुता कमेटी की बैठक ली। इन विद्यार्थियों को देने के लिए तीन माह का मानदेय आईटीआई हिसार के पास उपलब्ध है। अगले तीन माह तक विद्यार्थियों को आईटीआई मानदेय देगा। उसके बाद के मानदेय के लिए विभाग अभी सरकार से बजट की डिमांड करें, ताकि विद्यार्थियों को समय पर मानदेय दिया जा सके। इसके लिए वित्त विभाग ने हेड भी जनरेट कर दिया है। सरकार प्रति विद्यार्थी 25 प्रतिशत या 1500 रुपए प्रतिमाह विभागों को वापस अदायगी भी करेगी। 
सरकारी आईटीआई- 156
निजी- 232
ट्रेड- 259
हर वर्ष विद्यार्थी- 42,000 
विभाग करेंगे पंजीकरण: प्रशिक्षण देने के साथ सरकारी विभाग प्रशिक्षणार्थियों को 6,955 रुपए बतौर मानदेय देगी। आईटीआई प्रधानाचार्य सुनील सचदेवा ने बताया प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार अब सभी विभागों द्वारा एमआईएस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। यहां उन्हें अपने विभाग में कार्यरत कुल कर्मियों की संख्या दर्शानी होगी। विभाग आईटीआई की 259 ट्रेड में से अपने यहां जरूरत के अनुसार ट्रेड के विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से आमंत्रित कर सकता है। विभाग द्वारा डिमांड भेजने के अलावा विद्यार्थी भी सीधा आवेदन विभागों को भेज सकता है। 
प्रशिक्षण के ये हैं नियम: आईटीआई से कोर्स करने वाले विद्यार्थी अब तक अप्रेंटिसशिप एक्ट-1966 के तहत निजी संस्थानों उद्योगों में ही अप्रेंटिसशिप करते थे। निजी उद्योगों के लिए अपने यहां कुल मेनपाॅवर का 2.5 से 10 प्रतिशत तक आईटीआई विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप पर रखना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में अप्रेंटिसशिप विद्यार्थियों की वर्तमान 2.5 लाख की संख्या को 2020 तक 50 लाख करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है।