साभार: जागरण समाचार
सूरत सत्र अदालत ने आसाराम के बेटे नारायण साईं को 2013 के दुष्कर्म मामले में दोषी करार दिया। 30 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। 2013 से ही लाजपोर जेल में बंद 47 वर्षीय साईं के अलावा दो महिलाओं सहित उसके
चार सहयोगियों को विभिन्न अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है। साई को आइपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (हमला), 506-2 (आपराधिक भय) और 120-बी (साजिश) के तहत दोषी करार दिया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीएस गढवी 30 अप्रैल को सजा की घोषणा करेंगे। दुष्कर्म के लिए न्यूनतम 10 साल जेल और अधिकतम उम्रकैद की सजा दी जा सकती है।
तीन गवाह मारे गए: आसाराम और उसके बेटे की गिरफ्तारी के बाद महत्वपूर्ण गवाहों पर हमले शुरू हो गए। करीबी सहयोगी रह चुके तीन गवाहों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राजकोट के आयुर्वेदिक डॉक्टर अमृत प्रजापति को उनकी क्लीनिक के बाहर गोली मारी गई। आसाराम का सहयोगी एक रसोइये अखिल गुप्ता की उनके गृह नगर मुजफ्फरनगर में गोली मारकर हत्या की गई। जोधपुर दुष्कर्म मामले के गवाह कृपाल सिंह की उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में गोली मारकर हत्या की गई।
रिश्वत देने की कोशिश हुई थी: साईं के जेल में रहने के दौरान सूरत पुलिस ने पुलिस अधिकारियों, डॉक्टरों और यहां तक कि न्यायिक अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश का पर्दाफाश करने का दावा किया था। उसने अपने खिलाफ मामला कमजोर करने की साजिश रची थी।
जोधपुर दुष्कर्म मामले में आसाराम को हो चुकी है सजा: आसाराम को जोधपुर की अदालत दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहरा चुकी है। सूरत की महिला की ओर से दर्ज कराए गए मामले की सुनवाई गांधीनगर कोर्ट में चल रही है।