सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक इन तीन वर्गों में पिछड़ापन तय करने के कुल 11 मानक हैं। ये मानक एनसीबीसी ने तय किए हैं।
सामाजिक:
- जाति, वर्ग जो दूसरों के द्वारा सामाजिक रूप से पिछड़ा माना जाए।
- जाति, वर्ग जो मुख्य रूप से अपने जीवनयापन के लिए छोटे-मोटे कामों पर निर्भर हो।
- 17 वर्ष से कम आयु में शादी के राज्य के औसत का जिन जाति वर्ग के ग्रामीण इलाकों में 25 फीसद महिलाएं और 10 फीसद पुरुष तथा शहरी क्षेत्रों में 10 फीसद महिलाएं और 5 फीसद पुरुष हों।
- काम में महिलाओं की भागीदारी के राज्य के औसत में जो जाति, वर्ग 25 फीसद से ज्यादा है।
- पांच से 15 साल के स्कूल न जाने वाले बच्चों में जिन जाति, वर्गों का राज्य के औसत से 25 फीसद ज्यादा हो।
- पांच से 15 साल के बच्चों के स्कूल छोड़ने के राज्य के औसत में जो जाति, वर्ग 25 फीसद से ज्यादा हैं।
- राज्य के मैटिक पास करने वालों के औसत में जो जाति, वर्ग 25 फीसद से भी कम हैं।
- परिवारिक परिसंपत्ति के राज्य के औसत से जो जाति, वर्ग 25 फीसद नीचे हो।
- कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों के राज्य के औसत में जो जाति, वर्ग 25 फीसद से ऊपर हों।
- जिन जाति, वर्ग के लोगों के घर से पीने के पानी का स्नोत आधा किलोमीटर से ज्यादा दूर हो।
- खर्च के लिए कर्ज लेने वालों के राज्य के औसत में जो जाति, वर्ग 25 फीसद से ज्यादा है।
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साभार: जागरण समाचार
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