हरियाणा शिक्षा विभाग के 9870 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के मामले में वर्ष 2011 में हरियाणा शिक्षण पात्रता परीक्षा पास करने वालों ने चुनौती दी है। याचिका में कहा कि वेटिंग में रहने वाले इन शिक्षकों का पक्ष इस मामले
में सुना ही नहीं गया। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में कहा कि अंतिम कुमारी बनाम प्रदेश सरकार केस में कोर्ट के फैसले पर दोबारा विचार किया जाए। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। मामले में वर्ष 2011 की सूची के अनुसार वेटिंग लिस्ट उम्मीदवारों का पक्ष नहीं सुना गया था और ही उन्हें केस में पार्टी बनाया था। वेटिंग लिस्ट उम्मीदवारों ने एक एप्लीकेशन दायर कर उस वक्त केस में बहस के दौरान उनका पक्ष सुनने की अपील की थी जिस पर कोई निर्णय नहीं हुआ था। वेटिंग लिस्ट उम्मीदवार कट ऑफ डेट को पूरी तरह से योग्य थे और पहली चयन सूची का भाग है। जबकि 2013 में एचटेट पास करने वाले उम्मीदवार भर्ती में आवेदन की अंतिम तिथि को योग्य नहीं थे। ऐसे में वे पूरी तरह योग्य उम्मीदवार को दरकिनार करके कैसे नियुक्ति ले सकते हैं। अंतिम कुमारी केस का निर्णय सिर्फ एडवोकेट जनरल की स्टेटमेंट के आधार पर हुआ था। केस की मेरिट या कानूनी तथ्यों के आधार पर नहीं। ऐसे में फैसले पर दोबारा विचार कर कानून के मुताबिक फैसला दिया जाए।
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साभार: भास्कर समाचार
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