Friday, June 16, 2017

किसान आज करेंगे हाईवे जाम, खेती के लिए ब्याज मुक्त कर्ज की स्कीम एक साल और बढ़ाई

कर्जमाफी अन्य मांगों को लेकर किसान संगठन शुक्रवार को देशभर में नेशनल हाईवे जाम करेंगे। 62 किसान यूनियनों के संगठन राष्ट्रीय किसान महासंघ ने दोपहर 12 से 3 बजे तक जाम का आह्वान किया है। हरियाणा
में किसान यूनियनों के हाईवे जाम करने कुरुक्षेत्र के पिपली में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में धरने को लेकर डीजीपी बीएस संधू ने पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार से पैरामिलिट्री की 10 कंपनियां मांगी गई हैं। इनमें से 4 कंपनियां मिल चुकी हैं। इन्हें सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्र अम्बाला, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और जींद में तैनात किया गया है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। अांदोलन को देखते हुए गुरुवार को राज्य सरकार ने किसानों के लिए ब्याज मुक्त कृषि कर्ज स्कीम की अवधि 28 फरवरी 2018 तक बढ़ा दी है। करीब तीन साल पुरानी यह योजना मार्च 2017 में खत्म हो गई थी। सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक में इसे एक साल बढ़ाने का फैसला किया गया। इस योजना का फायदा एक साल के लिए तीन लाख रुपए तक का फसली ऋण लेने वाले किसान उठा पाएंगे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बुधवार को 5% तक सस्ता कर्ज देने की 10 साल पुरानी योजना को एक साल के लिए बढ़ाया है। 
कैसे मिलेगा: फसली ऋण पर ब्याज 9% है। इस पर केंद्र सरकार 2% सब्सिडी देती है। किसान को 7% ब्याज दर पर कर्ज मिलता है। समय पर भुगतान करने पर 3% केंद्र और 4% राज्य सरकार अदा करेगी। 

फायदा किसे: बैंक से एक साल तक के लिए 3 लाख रुपए तक का फसली ऋण लेने वाले सभी किसान इस छूट के दायरे में आएंगे
विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है - पंवार: विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं हैं। कभी जाट आरक्षण तो कभी किसानों का सहारा लेकर खुद की राजनीति चमकाने की कोशिश करते हैं। मंत्री समूह की बैठक में 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, एसवाईएल और किसानों के मुद्दों को लेकर चर्चा हुई है। - कृष्णलाल पंवार, परिवहन मंत्री 
कैबिनेट बैठक में महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश के बाद हरियाणा-पंजाब में होने वाले किसान आंदोलन को लेकर चर्चा हुई। मंत्रियों ने कहा कि यह पूरी तरह से राजनीतिक आंदोलन है। असली किसान आंदोलन में शामिल नहीं हैं। हरियाणा में कांग्रेस और इनेलो अपनी राजनीति चमकाने के लिए आंदोलन के नाम पर भीड़ इकट्ठी करने की कोशिश कर रहे हैं। बैठक में फैसला हुआ कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। किसान आंदोलन के नाम पर विपक्ष के दुष्प्रचार से निपटने के लिए मंत्री, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता फील्ड में जाकर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए फैसलों की किसानों को जानकारी दें। यह भी बताया जाएगा कि सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए भी प्रयासरत है। मंत्रियों ने पंजाब से एसवाईएल के पानी में अपना हिस्सा लेने को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई। 
गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रामनिवास और डीजीपी बीएस संधू ने गुरुवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग कर सभी पुलिस अधीक्षकों को पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने तैयारियों का जायजा भी लिया। पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे किसान यूनियन के नेताओं से संपर्क करें। उन्हें इस बात के लिए तैयार किया जाए कि वे अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से सरकार के समक्ष रखें। ऐसा कोई कदम उठाएं, जिससे आम लोगों को तकलीफ हो। अगर किसान यूनियन या धरना देने वाले अन्य लोग अपना मांग-पत्र अथवा कोई ज्ञापन देना चाहते हैं, तो उसमें उनका सहयोग किया जाए। डीजीपी बीएस संधू ने बताया कि पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। Post published at www.nareshjangra.blogspot.com
साभार: भास्कर समाचार 
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