Saturday, July 15, 2017

8.18 लाख बेरोजगार दर्ज, 2016 में सिर्फ 11 को रोजगार, अब 1 परिवार 1 रोजगार का शिगूफा

सक्षम युवा योजना के बाद राज्य की भाजपा सरकार प्रदेश के युवाओं को अब एक और झुनझुना थमाने की तैयारी में है। इसके लिए 'एक परिवार-एक रोजगार' स्कीम प्रचारित की जा रही है, लेकिन इसमें किसी को
सरकारी पक्की नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है। प्राइवेट अथवा सरकारी सेक्टर में भी सरकार केवल उन्हीं युवाओं को नौकरी दिलाएगी, जिनके परिवार में कोई भी सदस्य रोजगार में हो। इसके लिए भी उसे 'शपथ पत्र' देना होगा। अगर यह शपथ-पत्र बाद में झूठा या गलत निकला तो उस पर कार्रवाई भी हो सकती है। वैसे तो भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले प्रदेश के बेरोजगार युवाओं से 6000 और 9000 रुपए भत्ता देने का वायदा किया था। सत्ता में आने के बाद इस भत्ते को काम से जोड़ दिया गया। इसमें अब महीने में 100 घंटे काम करने पर 3000 रुपए जोड़कर यह भत्ता दिया जा रहा है। इसमें भी उसके लिए किन्हीं 5 विषयों में से एक में स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग करने की अनिवार्य शर्त है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। श्रम एवं रोजगार विभाग के ही आंकड़ों को मानें तो इस समय प्रदेश में 8.18 लाख से ज्यादा बेरोजगार रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं। इनमें से पिछले साल केवल 11 युवाओं को रोजगार कार्यालय नौकरी दिलवा पाए हैं। इसी तरह करीब 6 महीने पहले ही लागू की गई सक्षम युवा योजना के तहत प्रदेश में 31 मई, 2017 तक करीब 11 हजार बेरोजगार युवा रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। इनमें से कितने युवाओं को स्थाई रोजगार दिलाया गया है, इसका वास्तविक आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। केपीएमजी सर्वे के मुताबिक वर्ष 2022 तक राज्य में करीब 18 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। यानी हर साल करीब 3.50 लाख युवाओं को रोजगार देने की जरूरत होगी। मौजूदा गति के हिसाब से इतनी डिमांड पूरी कर पाना सरकार के लिए बहुत ही मुश्किल टास्क होगी। 
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साभार: भास्कर समाचार 
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