Thursday, July 13, 2017

तेजस्वी बोले- 2004 में तो मेरी मूंछ भी नहीं आई थी, घोटाला क्या करता

बेनामीसंपत्ति मामले में सीबीआई के छापों और केस दर्ज होने के बाद लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने बुधवार को कहा, 'मोदी और शाह के कहने पर मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई राजनीतिक
बदले की भावना के चलते हुई है। ये मामला तब का है, जब मैं बच्चा था। 2004 में तो मेरी मूंछ भी नहीं आई थी। 12-13 साल का बच्चा घोटाला क्या करता। यह भाजपा की साजिश है। मुझे बिहार की जनता ने चुना है और इन आरोपों को लेकर मैं जनता के बीच जाऊंगा।' बिहार में कैबिनेट मीटिंग से पहले राजद ने कहा कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे। उधर, जेडीयू ने कहा था कि जिन पर एफआईआर हुई, वे जनता को जवाब दें। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि मैंने गरीबों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर तबके की बात की तो साजिश रची जाने लगी। हमने केंद्र सरकार को उनके वादे याद दिलाए तो बदनाम करने की कोशिश होने लगी।
बेनामी संपत्ति: 16 मई को लालू उनसे जुड़े लोगों के 22 ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद विभाग ने दिल्ली से पटना-दानापुर तक मीसा भारती उनके पति शैलेश के अलावा डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और उनकी दो बेटियों रागिनी और चंदा यादव से जुड़ी एक दर्जन प्रॉपर्टी और जमीन को अस्थाई तौर पर जब्त किया था। 1000 करोड़ की बेनामी संपत्ति के आरोपों के घेरे में लालू के पुत्र मंत्री तेजप्रताप यादव अन्य परिजन भी हैं। 
रेलवे टेंडर स्कैम: 7 जुलाई को सुबह सीबीआई ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे। सीबीआई ने बताया कि लालू, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी-आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, 2006 में जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी में होटलों के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई। 
मीसा के पति ईडी में पेश: राजदसांसद मीसा भारती के पति शैलेश कुमार 8000 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। मीसा केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने मंगलवार को पेश हुई थी। उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ हुई थी। ईडी ने 8 जुलाई को भारती और कुमार से जुड़े फॉर्म हाउस पर छापा मारा था। मीसा और उनके पति को ईडी का हालिया समन 8000 करोड़ रु. के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ा है, जिसमें केंद्रीय जांच एजेंसी दिल्ली के दो कारोबारी बंधुओं सुरेंद्र कुमार जैन और विरेंद्र जैन और अन्य के खिलाफ जांच कर रही है। इन पर 90 शेल कंपनियों के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपए की मनी लाॅन्ड्रिंग का आरोप है। ईडी पहले ही पीएमएलए के तहत जैन बंधुओं को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी मीसा से जुड़े सीए राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर चुकी है। 
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साभार: भास्कर समाचार 
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