Saturday, June 17, 2017

CBSE को परीक्षा कॉपियां पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था बंद नहीं करना चाहिए थी - दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सीबीएसई से कहा कि उसे पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था खत्म नहीं करनी चाहिए थी क्योंकि उत्तर पुस्तिकाएं जांचने में उससे गलतियां होती हैं। 12वीं की परीक्षा देने वाली एक छात्रा की याचिका
पर जस्टिस संजीव सचदेवा ने टिप्पणी की है कि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था। छात्र ने अपनी इंग्लिश और गणित की कॉपियों की दोबारा जांच के लिए याचिका लगाई है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। सीबीएसई के वकील ने कोर्ट को बताया कि देश के करीब दस लाख विद्यार्थी परीक्षा देते हैं और उनकी कॉपियों को जांचने में महज 0.21 प्रतिशत गलतियां ही होती हैं। इसलिए पुनर्मूल्यांकन नीति को खत्म किया गया है। इस पर जज ने कहा कि इसका मतलब 2100 छात्रों का भविष्य दांव पर है।
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साभार: भास्कर समाचार 
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