Thursday, June 15, 2017

खाड़ी संकट हल करने की मध्यस्थता करने सऊदी अरब पहुंचे नवाज शरीफ: किंग को नहीं समझा पाए अपनी बात

सऊदी अरब के किंग कई साल से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को शरण देने से लेकर मदद तक देते रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने नवाज शरीफ से दो टूक पूछा है कि वे सऊदी अरब के साथ हैं या कतर के साथ। ईरान और आतंकियों को मदद देने के आरोप में सऊदी अरब सहित कई
मुस्लिम देशों ने कतर से रिश्ते तोड़ लिए हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। नवाज शरीफ कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब में थे और सोमवार को वे जेद्दाह में किंग सलमान से मिले थे। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक नवाज शरीफ ने उनसे कहा कि वे ताजा हालात में किसी भी एक का पक्ष नहीं ले सकते। तभी किंग सलमान ने कहा, तय तो करना पड़ेगा। नवाज शरीफ के साथ उस समय सेना अध्यक्ष कमर जावेद बाजवा और कई वरिष्ठ नेता भी थे। 
कतरने जिबौती और एरिट्रिया की सीमा से अपनी सेना हटा ली है। इन दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। इसे सुलझाने के लिए कतर 2010 से ही दोनों देशों के बीच मध्यस्थ है। इसी वजह से कतर ने करीब 450 सैनिक सीमा पर तैनात कर रखे थे। खाड़ी देशों ने भी इन दोनों ही देशों में अपनी सेनाएं तैनात कर रखी हैं। सउदी अरब की यमन में जारी लड़ाई के लिए इसे जंपिंग प्वाइंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। कतर ने सेना हटाने की कोई वजह नहीं बताई है। लेकिन माना जा रहा है कि अरब देशों के साथ विवाद और खुद को दुनिया से अलग-थलग करने की कोशिशों के चलते उसने ऐसा किया है। हालांकि, कतर और अरब देशों की सेना के बीच कोई सीधी लड़ाई नहीं है, लेकिन उसकी सेना सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे दो बड़े विरोधियों से घिरी हुई है। 
फंस गया पाकिस्तान: कतर-सऊदी विवाद में पाकिस्तान फंस गया है। पाकिस्तान ने कतर से 27 लाख टन तरल गैस हर साल लेने का 15 साल का अनुबंध किया है। कतर पर प्रतिबंध लगने से इसकी सप्लाई रुक सकती है। ईरान पर प्रतिबंध लगने से ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन ठप हो जाएगी। पाकिस्तान इस पर दो अरब डॉलर खर्च कर रहा है। सऊदी अरब से पाकिस्तान के रिश्ते 1947 से ही मधुर हैं। मुशर्रफ ने जब 1999 में नवाज शरीफ का तख्ता पलटा था तब शरीफ सऊदी अरब में रही रहे थे। पाकिस्तान सऊदी को हथियार, लड़ाकू विमान आदि बेच रहा है। 
किंग से क्यों मिले थे नवाज: नवाज शरीफ ने सोचा था कि वे ताजा खाड़ी संकट हल करने के लिए मध्यस्थता कर लेते हैं। कतर और सऊदी अरब दोनों से उनके अच्छे रिश्ते हैं। लेकिन वे मध्यस्थता तो दूर की बात किंग सलमान को अपनी बात समझा तक हीं पाए। 
आतंकवाद से लड़ने के लिए जरूरी: किंग सलमान ने नवाज शरीफ से कहा कि कतर से रिश्ते तोड़ना आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए जरूरी है। यह सभी मुस्लिम देशों और उम्मा के हित में है। यह भी एक तथ्य है कि पाकिस्तान खुद भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ आतंकियों को मदद दे रहा है।
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साभार: भास्कर समाचार 
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