Thursday, June 15, 2017

लंदन में 24 मंजिला बिल्डिंग में आग, बच्चों को बाहर फेंका; खुद भी कूदे, 12 की मौत

लंदन में मंगलवार रात 12:30 बजे 24 मंजिला बिल्डिंग में आग लग गई। हादसे में 12 लोग मारे गए। 74 जख्मी हुए हैं। आग में घिरने के बाद लोगों ने अपने बच्चों को नौवीं मंजिल तक से नीचे फेंका। फिर खुद भी कूद
गए। 120 अपार्टमेंट वाली इस बिल्डिंग में करीब 600 लोग रहते थे। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। 
200 दमकल कर्मी, 40 गाड़ियां और 3 हेलिकॉप्टर लगे, फिर भी 14 घंटे तक नहीं बुझा पाए आग: 15 मिनट के अंदर आग बिल्डिंग के टॉप तक पहुंच गई। बिल्डिंग में लगे फायर अलार्म और आग बुझाने वाली मशीन ने काम तक नहीं किया। आग को बुझाने के लिए 200 दमकल कर्मी, 40 गाड़ियां और तीन हेलिकॉप्टर लगाए गए। फिर भी 14 घंटों तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। एस्केलेटर (सीढ़ी) देर से पहुंचने की वजह से भी बचाव में देरी हुई।दमकल टीम 30-35 मिनट बाद पहुंची। तब तक आग बिल्डिंग में पूरी तरह फैल चुकी थी। अाग इतनी भीषण थी कि दमकल कर्मियों को बिल्डिंग में घुसने तक का मौका नहीं मिला। इसके बाद दमकल विभाग की सीढ़ियां पहुंची। तब तक आग बिल्डिंग के चारों तरफ फैल चुकी थी। लोकल मीडिया के मुताबिक शायद ही ऊपरी तीन मंजिल का कोई शख्स इस आग से बचा हो। दमकल टीम के देरी से और आधी-अधूरी तैयारी से पहुंचने पर सवाल भी उठ रहे हैं।

  • मीरा इमरानी ने बताया, 'मैंने नौवीं मंजिल की बालकनी पर एक महिला को देखा। उसके हाथ में एक बच्ची थी। वो मदद की गुहार लगा रही थी। जब आग से बचने की कोई उम्मीद नहीं बची तो उसने कंबल में लपेटकर बच्ची को नीचे फेंक दिया। वह चिल्ला रही थी कि 'मेरी बच्ची को बचा लो।' वहां मौजूद दमकलकर्मी ने तेजी से दौड़कर बच्ची को लपक लिया। इसके बाद मां जलते हुए कमरे की तरफ भागी। फिर वो मुझे नहीं दिखी। जोडीमार्टिन ने बताया कि लोगखिड़कियों से टॉर्च लाइट फेंक कर अपनी पोजिशन बता रहे थे। मेरे चारों ओर इमारत के टुकड़े गिर रहे थे। अचानक जलता हुआ मेटल का टुकड़ा मुझसे टकराया। मैं लोगों से कह रही थी कि सब बिल्डिंग से बाहर निकलो। पर वो मुझसे कह रहे थे कि कॉरिडोर में धुंआ भर गया है। निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। इमारत में बहुत सारे लोग थे पर कम ही लोग बाहर निकल पाए। 
  • इमारत से सुरक्षित बाहर निकले डेविड बेंजामिन ने बताया, 'मैं उसी फ्लोर पर था जहां से आग शुरू हुई। मुझे मेरे पड़ोसी ने जगाया। इमारत से मलबा गिर रहा था और धमाके की आवाजें भी सुनाई दीं। कांच के चटकने और टूटने की भी आवाजें सुनाई दे रही थीं। 
  • चश्मदीद तमारा ने बताया, मैं इसी इलाकेे में रहती हूं। मां इसी बिल्डिंग में रहती है। रात 1 बजे के आसपास उनका फोन आया। उन्होंने बताया कि बिल्डिंग में आग लग गई है। उस वक्त लोगों के चीखने की आवाजें रही थी। मेरे पहुंचने तक इमारत का बायां हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। फायरफाइटर्स फंसे हुए लोगों से कह रहे थे आप जहां हैं, वहीं रहे। हम आपको निकालेंगे। पर वो उन तक पहुंच ही नहीं पाए। 
  • चौथी मंजिल में रहने वाले महाद इगल ने बताया, मैं चीख-पुकार से जागा और पत्नी को चिल्लाकर बताया कि आग लग गई है। बाहर निकलो। हमने कुछ तौलिए गीले किए और बच्चों को लपेटकर भागे। बाहर अंधेरा था। कुछ लोगों के हाथों में बक्से थे, वहां हर तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी।
Post published at www.nareshjangra.blogspot.com
साभार: भास्कर समाचार 
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