Saturday, June 17, 2017

5 साल की बच्ची ने बार्बी डॉल के जरिए बताया-कैसे हुआ यौन शोषण, कोर्ट ने कहा-बच्ची ने हर बात का जवाब दे दिया, दोषी पर रहम नहीं

पांच साल की एक बच्ची ने बार्बी डॉल के जरिए कोर्ट को अपने यौन शोषण का पूरा वाकया बताया। गुड़िया के प्राइवेट पार्ट्स की ओर इशारा कर बोली कि दोषी ने उसके साथ क्या-क्या किया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने बच्ची की
बात अहम मानते हुए यौन शोषण के दोषी 23 साल के लड़के की कैद की सजा बरकरार रखी। जस्टिस एसपी गर्ग ने दोषी की याचिका खारिज करते हुए कहा, 'बच्ची ने गुड़िया के जरिए हर बात का जवाब दिया है। कोर्ट उसकी गवाही सिर्फ इसलिए खारिज नहीं कर सकती कि वह स्पष्ट शब्दों में अपनी बात नहीं बता पाई। 5 साल की बच्ची की सीमित समझ को देखते हुए हम उससे कुछ और उम्मीद नहीं कर सकते।' बेंच ने ये भी कहा 'यह गंभीर अपराध है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। इस बात को समझा जा सकता है कि यौन उत्पीड़न के बाद बच्ची को कितनी मानसिक चोट पहुंची है। वो भी इतनी कम उम्र में। दरअसल, दोषी ने ट्रायल कोर्ट से मिली सजा को चुनौती देते हुए दलील दी थी कि बच्ची के निजी अंगों पर नाखून के निशान नहीं मिले। ही उसकी मां ने अंदरूनी जांच की मंजूरी दी। इस पर कोर्ट ने कहा कि नाखून के निशान नहीं मिलने का मतलब यह नहीं है कि ऐसी घटना हुई ही नहीं। बच्ची की मां ने उसके सम्मान की रक्षा के लिए अंदरूनी जांच की अनुमति नहीं दी। इसके अलावा बच्ची के भाई को दोषी द्वारा 10 रुपए का लालच देने की भी कोई खास वजह नहीं थी। बता दें कि ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान एडिशनल सेशन जज विनोद यादव ने जब देखा कि बच्ची बचाव पक्ष के सवालों का जवाब देते हुए झिझक रही है। इस पर उन्होंने बच्ची को खेलने के लिए बार्बी डॉल दे दी थी। इसके बाद बच्ची ने खेल-खेल में दोषी पक्ष के सभी अपमानजनक हरकतों, शर्मिंदा करने वाले और गंदे सवालों का जवाब दे दिया। बच्ची ने अपने हुई पूरी घटना को एक-एक कर बता दिया। जस्टिस एसपी गर्ग ने भी गुड़िया के जरिए बयानों पर भरोसा जताते हुए दोषी की अपील खारिज कर दी। 
घटना नरेला इलाके में जुलाई 2014 को हुई थी। बच्ची 10 साल के भाई के साथ स्कूल जा रही थी। आरोपी हनी ने लड़के को 10 रुपए देकर दुकान से कुछ लाने भेजा और बच्ची का अपहरण कर लिया। मारपीट कर उसका यौन उत्पीड़न किया। बाद में बच्ची को घर के पास छोड़ दिया। एक महिला ने उसे बिना स्कर्ट रोते देखा तो घर ले गई। पहले तो बच्ची सदमे के कारण कुछ नहीं बता पाई, लेकिन बाद में परिवार को सब बता दिया। घटना से बच्ची को इतना सदमा लगा कि वह चुप रहने लगी। अपने पिता तक के साथ अकेले रहने से डरने लगी।
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साभार: भास्कर समाचार 
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