Friday, July 14, 2017

आरक्षण - हिंसा के 137 मुकदमे वापस लेना चाहती है सरकार, हाईकोर्ट ने मांगा रिकॉर्ड

हरियाणा सरकार पिछले साल फरवरी में जाट आरक्षण आंदोलन में हिंसा के दौरान दर्ज 137 मुकदमे वापस लेने की तैयारी में है। गुरुवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में गृह सचिव नितिन यादव की ओर से शपथ-पत्र
दायर कर इन मुकदमों की वापसी के लिए अनुमति मांगी गई। इस पर न्याय मित्र अनुपम गुप्ता ने कड़ा एेतराज जताते हुए कहा कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक ये गंभीर अपराध के मामले हैं। इन्हें वापस लेने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने सरकार को मुकदमों से संबंधित रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। साथ ही सरकारी वकील से लोक अभियोजक की राय भी पेश करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई अब 17 अगस्त को होगी। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। इससे पहले गुरुवार को सुनवाई के दौरान गृह सचिव नितिन यादव की ओर से पेश एक शपथ पत्र में कहा गया कि पिछले दिनों राज्य सरकार को अनेक ज्ञापन मिले थे। इनमें कहा गया कि कुछ लोग निर्दोष होते हुए भी मुकदमों की कार्यवाही झेल रहे हैं। इस पर सरकार ने जिला प्रशासन के माध्यम से इन सभी मामलों को फिर से दिखवाया। इनमें से करीब 137 मामले ऐसे हैं, जिन्हें वापस लेने के संबंध में जिला प्रशासन ने भी अपनी अनुशंसा की है। राज्य सरकार भी प्रदेश में अमन-चैन और आपसी भाईचारा बना रहे, इसलिए इन 137 केसों को वापस लेने का मन बना चुकी है। राज्य सरकार के वकील का कहना था कि ये सभी मामले छोटे-मोटे अपराधों से संबंधित हैं। इनमें गंभीर प्रकृति का कोई मामला नहीं है। 
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साभार: भास्कर समाचार 
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