Friday, June 16, 2017

भारत ने उठाया आतंकवाद का मसला: चीन ने कहा- भारत-पाक अपने विवाद दूर रखें

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य बने भारत ने दो खास मुद्दों पर अपनी अपेक्षा जता दी। कहा कि संगठन के देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का ध्यान रखा जाना
आवश्यक है। साथ ही आतंकवाद और कट्टरता से लड़कर ही आपसी सहयोग को मजबूत किया जा सकता है। यह बात एससीओ के मुख्यालय में भारत और पाकिस्तान के झंडे लगाने के लिए आयोजित समारोह में चीन में भारत के राजदूत विजय गोखले ने कही। चीन ने एससीओ में भारत और पाकिस्तान से अपने द्विपक्षीय मामलों के चलते कटुता पैदा न करने की अपेक्षा की। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। गोखले ने कहा, हम एससीओ क्षेत्र में संपर्क के साधन बढ़ाए जाने के पक्षधर हैं। इसी से आपसी व्यापार भी बढ़ेगा। लेकिन इसके लिए हमें सदस्य देशों की संप्रभुता का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा, आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत व्यावहारिक सहयोग का पक्षधर है, जिसमें सभी का प्रत्यक्ष फायदा हो। गोखले ने आइटी, अंतरिक्ष, गैर परंपरागत ऊर्जा और बैंकिंग के क्षेत्र में भारतीय विशेषज्ञता का एससीओ को सहयोग देने का प्रस्ताव रखा। संप्रभुता को लेकर भारत की यह चिंता चीन-पाकिस्तान इकोनोमिक कॉरीडोर को लेकर है। इसी प्रकार से भारत सीमापार से आने वाले पाकिस्तानी आतंकियों से भी पीड़ित है। उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान हाल ही में एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य बने हैं। संगठन में चीन, रूस और कजाकिस्तान सहित कुल आठ देश शामिल हैं।
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साभार: जागरण समाचार 
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