साभार: जागरण समाचार
लोकसभा चुनाव के पहले चरण से पहले 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी हेलीकॉप्टर घोटाले में रिश्वतखोरी का मामला फिर गरमा गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष
राहुल गांधी से सवाल किया कि आखिर वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र को लेकर चुप क्यों हैं? कांग्रेस जवाब दे कि पूरक आरोप पत्र में जिस आरजी, एपी और फैम का जिक्र है, वे कौन हैं? क्या ये नाम काल्पनिक हैं?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोर्ट में दायर पूरक आरोप पत्र में कहा था कि उसे एक डायरी मिली है, जिसमें दलाली की रकम के बंटवारे के सिलसिले में AP, RG, Mrs. Gandhi और ‘Fam जैसे शब्दों का जिक्र है।
ईडी के मुताबिक बिचौलियों ने ‘एपी,’ की पहचान अहमद पटेल के रूप में की है। यह डायरी केस के गवाह बने एक बिचौलिए राजीव सक्सेना ने दी है। ईडी ने दावा किया कि ‘मिसेज गांधी’ को घोटाले का मुख्य दलाल व ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल 1986 से जानता है।
अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी वैसे तो जिस मामले की जानकारी नहीं होती, उसके बारे में भी खूब बोलते हैं। लेकिन अब जब अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में ली गई रिश्वत की पूरी जानकारी सामने आ गई है तो फिर वह चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि वीवीआइपी हेलीकॉप्टर सौदे में ली गई रिश्वत की बात 2013 में अगस्ता केस के मिले दस्तावेजों से उजागर हुई थी। ऐसे में ईडी को झूठा करार देने से ये दस्तावेज खत्म नहीं हो जाएंगे। इस पूरे सौदे से जुड़े बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को यूएई से भारत लाने के बाद ये नाम सामने आए हैं। जेटली ने कहा कि राहुल गांधी को इस मामले की सारी सच्चाई पता है। यही वजह है कि कांग्रेस ने इस मामले को संप्रग शासनकाल में दबाने की पूरी कोशिश की थी। मीडिया पर भी सेंसरशिप लगा दी थी। लेकिन जब मोदी सरकार सत्ता में आई तो उसने मामले की जांच जारी रखने का फैसला लिया।
मिशेल और राजीव सक्सेना को भारत लाया गया। उन्होंने कहा कि मामले के आरोपितों की चुप्पी तो समझ में आती है, लेकिन प्रधानमंत्री पद का एक उम्मीदवार जब इस मामले में चुप रहता है तो संदेह खड़ा होता है।
- एक ‘एपी’ थे और दूसरा ‘फैम’। ‘एपी’ का मतलब है अहमद पटेल और ‘फैम’ का मतलब है फैमिली। क्या आपने अहमद पटेल का नाम सुना है? वह किस परिवार के बेहद करीब हैं? - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (देहरादून की चुनावी सभा में)
- चौकीदार और उनके शागिर्दो ने बिना किसी सुबूत गलत जगह हाथ डाला है। नोटबंदी और राफेल के दलाल अब बच नहीं पाएंगे। जनता सबक सिखाकर रहेगी। वैसे यह कहावत आपने सुनी ही होगी कि एक चोर को हर कोई चोर ही नजर आता है। - अहमद पटेल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
मिशेल का दावा-किसी का नाम नहीं लिया: क्रिश्चियन मिशेल की ओर से शुक्रवार को विशेष अदालत में अर्जी दायर कर दावा किया गया कि ईडी की जांच के दौरान उसने किसी नेता का नाम नहीं लिया था, जैसा कि पूरक आरोप पत्र में दावा किया गया है। उसने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का राजनीतिक एजेंडे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। यह अर्जी विशेष न्यायाधीश अर¨वद कुमार के समक्ष मिशेल के वकीलों ने दायर की। अदालत ने ईडी को नोटिस जारी कर इस पर शनिवार तक जवाब मांगा है।
हार तय देख ध्यान भटकाने का हथकंडा - कांग्रेस: ईडी के पूरक आरोप पत्र को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार पर तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि चुनाव के दौरान मोदी सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए ईडी झूठे ढकोसले गढ़ने का काम कर रहा है। बावजूद इसके, कुछ होने वाला नहीं है। मोदी सरकार का जाना तय है। ये अप्रमाणित पेज चुनावी लाभ के लिए लीक कराए गए हैं।