Thursday, July 7, 2016

बैक्वेंट हाल में शादियों पर गायों के लिए देने होंगे 2100 रुपये

हरियाणा में गायों की रक्षा के लिए होमगार्ड की तर्ज पर गो-रक्षक टास्क फोर्स गठित होगी। यह टास्क फोर्स न केवल गो-हत्या और गो-तस्करी रोकने में मदद करेगी, बल्कि गो संर्वधन व गो-संरक्षण अधिनियम को सख्ती से लागू कराने में सरकार को सहयोग देगी। वहीं राज्य में गो-सेवा आयोग की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के
लिए बैंक्वेट हाल में होने वाली शादियों और सामाजिक समारोह की एवज में 2100 रुपये गो सेवा के लिए लेने पर विचार चल रहा है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। बुधवार को यहां प्रेस कान्फ्रेंस में हरियाणा गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला ने गायों के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। सीएम के मीडिया सलाहकार अमित आर्य के कार्यालय में मंगला ने बताया कि गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना तैयार की जा रही है। गोचरान भूमि भी गोशालाओं को देने पर विचार चल रहा है। गोशालाएं वहां से गाय के लिए चारा ले सकेंगी। मंगला के अनुसार गोशालाओं में सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मोड पर बायोगैस आधारित बिजली परियोजनाएं चलाने की योजना है। गो मूत्र से फिनायल और गोबर से जैविक खाद तैयार की जाएगी। सिरसा जिले की एक गोशाला में गैस तैयार कर उसे गांव में आपूर्ति करने की भी योजना है। मंगला ने बताया कि प्रदेश में 1.17 लाख बेसहारा गोवंश है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप पानीपत में 200 एकड़, हिसार, सिरसा, भिवानी में 50 से 100 एकड़ भूमि पर गो-अभ्यारण खोलने के प्रस्ताव मिल चुके हैं। हर जिले में चरणबद्ध तरीके से गो-अभ्यारण खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि गो संर्वधन एव गो संरक्षण अधिनियम 2015 की बारीकियों की जानकारी पुलिस व जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों को देने के लिए शीघ्र हर जिले में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। भानी राम मंगला ने माना कि यमुनानगर, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, गुड़गांव व रेवाड़ी जिलों में गो तस्करी रोकना चुनौती है। उन्होंने कहा कि गो-रक्षक दल के नाम पर कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय है। कुछ गैर-सरकारी संगठन भी ऐसे कार्य में लगे हैं। उन सभी की जांच की जाएगी। 
जुर्माना व हर्जाना दोनों वसूलेंगे गाय मालिक से: विशेष अभियान के तहत जिला फरीदाबाद में अब तक 200 से अधिक गायों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। अभियान के दौरान पकड़े गए पशुओं की अगर कोई मालिक दावेदारी करता है तो उससे 5100 रुपये जुर्माना और 150 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चारे के लिए वसूले जाएंगे। अभियान 15 जुलाई तक चलेगा।
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साभारजागरण समाचार 
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