Friday, July 8, 2016

180 पंच सरपंचों की शैक्षणिक योग्यता 'फर्जी' होने की आशंका; मिल रही और भी शिकायतें

राज्य के पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता लागू करने के बाद फर्जी डिग्रियों के आधार पर पंच-सरपंच बनने का खेल अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है। गांवों में आपसी गुजबाजी के कारण फर्जी डिग्रियों पर चुनाव जीतने वाले पंच-सरपंचों की राज्य चुनाव आयोग में शिकायतें हो रही हैं। अभी तक ऐसे 180 पंच व सरपंचों के बारे में
शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनकी डिग्री फर्जी होने की आशंका है। इनमें से कई शिकायतें पुरानी हैं तो कुछ आयोग के पास निरंतर पहुंच रही हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। राज्य चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों से इन शिकायतों के बारे में पूरी रिपोर्ट तलब की है। कई जिलों से रिपोर्ट भेजने में देरी की जा रही है, जिसका आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। कई जिला निर्वाचन अधिकारियों ने शैक्षिक दस्तावेजों की जांच के लिए शिक्षा विभाग को लिख दिया है। फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ने की सबसे अधिक शिकायतें मेवात व पलवल जिलों से आई हैं। फर्जी दस्तावेजों के जरिए कुर्सी हासिल करने वालों में सरपंच व पंच सहित पंचायत समिति व जिला परिषद के सदस्य भी शामिल हैं। पंचायती राज संस्थाओं का गठन होने के बाद अब जिलों से राज्य चुनाव आयोग को ये शिकायतें आ रही हैं। प्रदेश के सभी 21 जिलों से फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज के आधार पर चुनाव लड़ने की शिकायतें आई हैं। कई शिकायतें तो पांच महीने पुरानी हैं लेकिन जिलों से अभी तक रिपोर्ट नहीं आने के कारण इन पर फैसला अटका हुआ है। उधर, शैक्षिक योग्यता की वजह से पंचों के 2 हजार से अधिक पद पिछले पांच माह से खाली पड़े हैं। प्रदेश सरकार इन पदों के भरने के लिए उपचुनाव करवाने का फैसला कर चुकी है।
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साभारजागरण समाचार 
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