Saturday, October 31, 2015

आयुर्वेदिक दवाओं के लिए भी हों नियम- हाई कोर्ट

आयुर्वेदिक दवाओं को तैयार करने के मामले में देश भर में कोई सुरक्षा मापदंड अपनाने का प्रावधान ही नहीं है। इस बात का खुलाया हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल अपने जवाब में किया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार से पूछा है कि आखिर बगैर किसी टेस्ट के आयुर्वेदिक दवाएं भला कैसे तैयार की जा रही हैं। साथ ही राज्य सरकार के जवाब पर टिप्पणी भी की है कि ऐसे तो सड़क किनारे बैठे हकीम भी दवा बना सकते हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। हाईकोर्ट ने प्रदेश के आयुष नशामुक्ति केंद्रों में नशा पीड़ितों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण के दौरान उनकी रासायनिक जांच के बारे जानकारी मांगी थी। इस पर सरकारी वकील ने हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव भल्ला की एकल बेंच को जानकारी दी कि यूनानी पद्धति की पुस्तकों में दवा निर्माण की जिस विधि का जिक्र किया गया है। उसी हिसाब से ही दवा निर्माण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। साथ ही बताया कि केंद्रीय परिवार कल्याण व स्वास्थ्य विभाग ने एक पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि दवा निर्माण का लाइसेंस देने के लिए रासायनिक जांच और अन्य सुरक्षा मापदंड अपनाने की अनिवार्यता नहीं है। इस पर बेंच ने कहा कि यह चौंकाने वाला तथ्य है कि बगैर केमिकल टेक के आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण हो रहा है। इन्हीं दवाओं का इस्तेमाल आयुष केंद्र में नशा पीड़ितों के उपचार के लिए किया जा रहा है। बगैर नियमावली व एक्सपर्ट्स के दवा निर्माण जारी रहा तो सड़क किनारे बैठे हकीम की दवा भी मान्य हो सकती है। बेंच ने कहा कि यह एक बड़ी लापरवाही है। बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा है कि आयुर्वेदिक दवा निर्माण का लाइसेंस देने के लिए सुरक्षा मापदंड क्यों नहीं बनाए गए। वहीं हरियाणा सरकार से कहा गया है कि दवा निर्माण के लिए प्रोटोकोल बनाया जाए। इसके लिए बकायदा नियम बनाने का निर्देश दिया जाएगा। सरकार से यह भी पूछा गया है कि प्रोटोकोल बनाने के लिए कितना स्टाफ और अन्य व्यवस्थाओं के लिए क्या करना होगा। यह जानकारी अगली सुनवाई पर मांगी गई है।
Post published at www.nareshjangra.blogspot.com
साभारअमर उजाला समाचार 
For getting Job-alerts and Education News, join our Facebook Group “EMPLOYMENT BULLETIN” by clicking HERE. Please like our Facebook Page HARSAMACHAR for other important updates from each and every field.