Friday, October 30, 2015

अफ़्रीकी देशों को 60 करोड़ डॉलर का अनुदान देगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की वकालत करते हुए अफ्रीकी देशों से स्थायी सदस्यता के मामले में भारत का साथ देने की अपील की है। भारत अफ्रीका शिखर सम्मेलन में 54 अफ्रीकी देशों के शासनाध्यक्षों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और आतंकवाद से मुकाबला करने केलिए मिल कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने इस दौरान अफ्रीकी देशों को 60 करोड़ डॉलर बतौर अनुदान सहायता और एक करोड़ डॉलर के रियायती ब्याज आधारित ऋण देने की घोषणा की। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं।प्रधानमंत्री ने भारत और अफ्रीकी देशों की समानता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की सवा अरब और अफ्रीकी देशों के सवा अरब लोगों का दिल एक साथ धड़कता है। दोनों देशों की दो तिहाई आबादी की आयु 35 साल से कम है। इसके अलावा विकास का लाभ अंतिम पायदान पर पहुंचाने की दोनों की चुनौतियां भी समान हैं। गौरतलब है कि सम्मेल में पीएम मोदी ने बीते दो दिनों में 25 शासनाध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता को अंजाम दे कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अफ्रीकी देशों की युवाशक्ति ही उसकी ताकत है। तकनीक का क्षेत्र भारत और अफ्रीकी देशों की साझेदारी को और मजबूत बनाएगा। पीएम ने इस दौरान द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और विकास का लाभ निचले स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शाम ढलते ही करोड़ों भारतीयों और अफ्रीकी घरों में अंधेरा छाने लगता है। दोनों मिल कर ऐसे सभी लोगों के जीवन में रोशनी ला सकते हैं। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद को दोनों के लिए समान चुनौती बताया और कहा कि इसका मिल कर मुकाबला करना होगा। द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इस समय 34 अफ्रीकी देश भारत में बिना शुल्क के बाजार हासिल कर रहे हैं।
भाषण के दौरान पीएम ने अफ्रीकी देशों को भारत की ओर से कई तरह की राहत देने की घोषणा की। उन्होंने अगले पांच वर्षों में रियायती ब्याज दर पर करोड़ डॉलर का ऋण, 60 करोड़ डॉलर की अनुदान सहायता की पेशकश की। उन्होंने कहा कि इनमें से 10 करोड़ डॉलर भारत-अफ्रीका विकास कोष और एक करोड़ डॉलर स्वास्थ्य कोष के लिए होगा। अपने भाषण में पीएम ने संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व में संतुलन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यूएन के वर्तमान ढांचे में अफ्रीकी देशों और भारत को प्रतिनिधित्व हासिल नहीं है। इस मामले में अफ्रीकी देशों को भारत का साथ देना चाहिए।
जुमा, मुगाबे ने भारत की तारीफ की: जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की भारत की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की शक्तिशाली सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अफ्रीकी देशों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करते रहे हैं और उन्हें छोटा समझते रहे हैं। अफ्रीकन यूनियन के अध्यक्ष मुगाबे ने अफ्रीका में भारत की ओर से शुरू किए गए विकास कार्यों की सराहना की। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जेकब जुमा ने अफ्रीका को पिछड़ेपन से निकालने और उसके विकास में मदद देने के लिए भारत की मदद की सराहना की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-अफ्रीका सहयोग और बढ़ाने की वकालत की।
सौर ऊर्जा वाले गठबंधन में शामिल हो अफ्रीका: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफ्रीकी देशों से सौर ऊर्जा समृद्ध देशों के गठबंधन में शामिल होने की अपील की है। प्रधानमंत्री 30 नवंबर को पेरिस में होने वाले अहम जलवायु सम्मेलन में इसका ऐलान करेंगे। उन्होंने विकसित देशों की ओर इशारा करते हुए कहा कि किसी देश के अधिक संसाधन को दूसरे देशोें पर बोझ नहीं बनना चाहिए। 
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साभारअमर उजाला समाचार 
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