Monday, July 17, 2017

डोकलाम विवाद पर भारत ने कहा- पीछे नहीं हटेगी सेना

चीन के साथ डोकलाम पर चल रहे विवाद पर भारत ने रविवार को सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वह पीछे नहीं हट सकता। वहां पर चीन को सड़क बनाने नहीं दिया जाएगा। सीमा पर दोनों देशों की 60-70 सैनिकों की टुकड़ी
100 मीटर की दूरी पर आमने-सामने डटी हैं। दोनों ओर की सेनाएं भी यहां से 10-15 किलोमीटर की दूरी पर तैनात हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। रक्षा विभाग ने कहा कि जब तक चीन के सैनिक सड़क निर्माण से पीछे नहीं हटते, भारतीय सैनिक नॉन काम्बैट मोड में डोकलाम में डटे रहेंगे। उधर चीनी मीडिया ने कहा है कि भारत के साथ बातचीत की पूर्व शर्त भारतीय सैनिकों का डोकलाम से पीछे हटना है। इस मामले में मोलभाव के लिए कोई जगह नहीं है। भूटान की धरती पर यह पहली बार है कि भारत ने इस प्रकार का कड़ा रुख अपनाया है. इससे पहले 1986 में सुंदरम स्थान पर दोनों देश की सेनाएं सबसे ज्यादा दिनों तक एक दूसरे के सामने जमीं रहीं। वहीं, 26 जुलाई को भारतीय एनएसए अजित डोभाल ब्रिक्स देशों के एनएसए की बैठक में हिस्सा लेने चीन जा रहे हैं और यहां पर वह अपने समकक्ष से बातचीत कर सकते हैं। 
जरूरत पड़ी तो भेजेंगे सेना - राजनाथ: गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि चीन के साथ डोकलाम पर चल रहे विवाद में भारत पीछे नहीं हट सकता। विदेश सचिव एस जयशंकर ने इसके सामरिक और रणनीतिक महत्व को बताते हुए सभी को स्थिति स्पष्ट कर दी। वहीं रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जरूरत पड़ी तो डोकलाम में भारत और सेना भेजने के लिए तैयार है। ऐसे में भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी के कुछ दिन चलने के आसार हैं। कश्मीर में तीसरे देश के हस्तक्षेप की धमकी पर गृह मंत्रालय ने कहा इस पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं है। चीन से कुछ भी प्रतिक्रिया रही है। ऐसा लग रहा है जैसे उन्हें कुछ नहीं सूझ रहा है और बदहवासी में कोई भी बयान दे दे रहे हैं। 
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साभार: भास्कर समाचार 
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