देश के 14वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए सोमवार को मतदान संपन्न हो गया। संसद समेत राज्यों के विधानसभाओं में बने 32 मतदान केंद्रों पर सांसदों और विधायकों ने वोट डाले। इस बार रिकॉर्ड 99 फीसद
मतदान हुआ है। मतगणना 20 जुलाई को होगी। हालांकि, राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए राजग के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का जीतना तय माना जा रहा है। अब दिलचस्पी सिर्फ आंकड़े जानने की है। कोविंद को राजग के अलावा जदयू, अन्नाद्रमुक, टीआरएस जैसे दलों ने समर्थन का एलान किया था। विपक्ष के 18 दलों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को मैदान में उतारा था। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। तीन-चार सांसदों को छोड़कर लोकसभा और राज्यसभा के करीब सभी सांसदों ने मतदान किया। बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और झारखंड समेत नौ राज्यों में शत प्रतिशत मतदान हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में सबसे पहले वोट डालकर चुनाव को लेकर भाजपा की पुख्ता तैयारी की झलक दिखाई।
राष्ट्रपति चुनाव के मुख्य निर्वाचन अधिकारी लोकसभा के महासचिव अनूप मिश्र ने वोटिंग के बाद प्रेस कांफ्रेंस में रिकॉर्ड मतदान होने की बात कही। उनका कहना था कि अभी अंतिम आंकड़े राज्यों से आने हैं, मगर अब तक की जानकारी के आधार पर 99 फीसद के करीब वोटिंग हुई है। 717 में से 714 सांसदों ने संसद भवन स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला, जबकि 54 सांसदों ने राज्यों की राजधानी में अपने मताधिकार का उपयोग किया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, सोनिया गांधी, सुषमा स्वराज से लेकर राहुल गांधी ने भी वोट डालने में तत्परता दिखाई। तीन सांसदों-उड़ीसा के रामचंद्र हंसदा, तमिलनाडु के अंबुमणि रामदास और पश्चिम बंगाल के तापस पाल ने वोट नहीं डाला। छेदी पासवान वोट डालने पर रोक की वजह से मतदान नहीं कर पाए। पासवान के चुनाव को हाईकोर्ट ने रद कर दिया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है।
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साभार: जागरण समाचार
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