Sunday, July 16, 2017

भारत और अमेरिका बढ़ाएंगे रक्षा सहयोग,621.5 अरब डॉलर मंजूर

अमेरिकी संसद ने रक्षा क्षेत्र में भारत के साथ रिश्ते मजबूत करने के लि‍ए 621.5 अरब डॉलर (करीब 40,000 अरब रुपए) के बिल को मंजूरी दे दी है। भारतीय अमेरिकी सांसद अमी बेरा द्वारा इस संबंध में पेश किए गए
संशोधन को सदन ने 'नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट (एनडीएए) 2018 के भाग के रूप में विधेयक से पारित किया। यह कानून इस साल 1 अक्टूबर से लागू होगा। एनडीएए-2018 को सदन ने 81 के मुकाबले 344 मतों से पारित किया था। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। सदन द्वारा पारित भारत संबंधी संशोधन में कहा गया है कि विदेश मंत्री के साथ सलाह मशविरा करके रक्षा मंत्री अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने की रणनीति बनाएंगे। बेरा ने कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे पुरानी और भारत सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए रणनीति विकसित की जाए।
अमेरिका ने पाकिस्तान को रक्षा वित्त दिए जाने पर शर्तें लगाई: नए संशोधनों के तहत 1 अक्टूबर 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच अमेरिका की ओर से प्रस्तावित 40 करोड़ डॉलर (करीब 25.71 अरब रुपए) का फंड पाकिस्तान को तभी दिया जाएगा। लेकिन जब अमेरिकी रक्षा मंत्री इस बात की पुष्टि करेंगे कि वह उत्तरी वजीरिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई कर रहा है। यह शर्त रखी गई है कि वित्तीय मदद दिए जाने से पहले पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में संतोषजनक प्रगति दिखानी होगी। 
नया कानून इस साल एक अक्टूबर से लागू होगा: अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने पाकिस्तान को रक्षा वित्त उपलब्ध कराए जाने की शर्तों को और कड़ा बनाने के लिए तीन विधायी संशोधनों पर वोट किया है। अमेरिका ने ये शर्तें पाकिस्तान की ओर से आतंकियों और आतंकी संगठनों को मिलने वाली मदद की खबरों के चलते लगाई गई हैं। इस संबंध में नेशनल डिफेंस अथोराइजेशन एक्ट (एनडीएए)2018 में तीन संशोधनों को शामिल किया गया है। 
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साभार: भास्कर समाचार 
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