प्रतियोगिता और चैलेंज भरे काम के माहौल में एक कुशल और महत्वपूर्ण टीम का होना जरूरी है। एक कुशल टीम लक्ष्य प्राप्त करने में मदद तो करती ही है, साथ में प्रत्येक दिन के अंत में उपलब्धि की संतुष्ट भावना के साथ छोड़ती है। ऐसी ही टीम इंटर कॉलेज कॉम्पिटिशन, कॉलेज सोसाइटी या फिर वर्कप्लेस पर मीटिंग के दौरान होनी चाहिए। एक अच्छी टीम काम
का तनाव दूर करने के साथ समय की बचत करती है। एक स्टडी में 70 फीसदी छात्रों ने माना है कि वे कॉलेज के दौरान खराब टीम का हिस्सा रहे हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। अच्छी टीम बनाना लीडरशिप के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल है। एक लीडर कैसे कुशल और प्रोडक्टिव टीम बना सकता है, जानिए...
लीडरशिप: एक अच्छा लीडर बनने के लिए यह आवश्यक है कि वह टीम के प्रत्येक व्यक्ति को जरूरत के अनुसार जहां तक हो सके, हरसंभव सहायता करे। लीडर के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि उसे काम के अनुसार टीम के सभी सदस्यों की ताकत और उनकी कमी की पहचान करनी चाहिए। टीम के प्रति लीडर की जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी टीम को गाइड करे और मार्गदर्शन दे। ताकि वे दिए गए काम में अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकंे।
टीम को प्रोत्साहित करना: वर्कप्लेस पर उत्साह के स्तर को बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है कि टीम को हर समय प्रेरणा देनी चाहिए और प्रोत्साहित महसूस कराना चाहिए। प्रोत्साहन से टीम में रचनात्मकता पैदा होती है। यह मैनेजर और सहकर्मी द्वारा दिए गए फीडबैक से प्राप्त किया जा सकता है। अच्छे काम के लिए बोनस देना, वर्कप्लेस पर सहयोग की भावना को बढ़ाना, खुद के विकास के लिए अवसर उपलब्ध कराने जैसे काम टीम को वर्कप्लेस पर हर समय प्रोत्साहित करती है।
टीम वर्क का कल्चर: कंपनी का कल्चर किसी भी टीम के कुशल होने में महत्वपूर्ण अपनी भूमिका निभाता है। वर्कप्लेस पर कल्चर ऐसा होना चाहिए जिससे टीम के सदस्यों में टीमवर्क और साथ मिलकर काम करने की भावना पैदा हो। इसका दूसरा पहलू यह भी है कि अच्छा टीम कल्चर होने से वर्कप्लेस पर पारदर्शिता, खराब पॉलिटिक्स की कमी, समीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता होती है। जिसकी वर्कप्लेस पर काम करने वाले सभी आयु समूह के लोग सराहना करते हैं। इस तरह के कल्चरल इंटरैक्शन से टीम में कम्युनिकेशन को बेहतर बनाता है।
अनौपचारिक माहौल: टीम के साथ कभी-कभी अनौपचारिक रूप से समय बिताना भी टीम के काम और विचारधारा में सुधार करता है। यह बहुत अच्छा तरीका है कि आप पूरी टीम के साथ बैठकर अपने फैसले का आकलन कर सकते हैं कि आपका निर्णय सही है या गलत। टीम आने वाले साल के लिए एक्शन प्लान और रणनीति को लेकर आत्ममंथन कर सकती है।
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साभार: भास्कर समाचार
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