भारत लेदर का बड़ा निर्यातक है। विदेशों में लेदर और इससे से संबंधित प्रोडक्ट निर्यात करने के अलावा घरेलू बाजार में भी इसका बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में टेक्नोलॉजी के विस्तार से इस क्षेत्र का दायरा और विकसित हुआ है। प्रत्येक व्यक्ति किसी किसी रूप में लेदर के उत्पादों का
उपयोग करता है। इसके अलावा इससे बने उत्पादों की फैशन और स्पोर्ट्स के क्षेत्र में मांग बनी रहती है। भारत की दुनियाभर के लेदर और इससे संबंधित उत्पादों के उत्पादन में 12.9 फीसदी हिस्सेदारी है। 2015-16 में भारत ने लगभग 6 अरब डॉलर के लेदर अौर लेदर उत्पादों का निर्यात किया। देश में पशुओं की बड़ी तादाद होने के चलते इंडस्ट्री का तेज विस्तार हो रहा है और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। हालांकि अन्य उत्पादों से प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बावजूद लेदर से बनने वाले उत्पादों में फुटवियर की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा बनी हुई है। इसके अलावा बेल्ट, लगेज बैग, जैकेट्स, ग्लव्स, पर्स, अपहोल्स्ट्री अन्य उत्पादों को बनाने में लेदर का बड़ी मात्रा में उपयोग किया जाता है। लेदर इंडस्ट्री को मुख्यतौर पर तीन भागों में बांटा जा सकता है - डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग। लेदर टेक्नोलॉजी के अंतर्गत आर्टिफिशियल लेदर का उपयोग कर उत्पाद बनाने की प्रक्रिया भी शामिल है। उत्पादन की प्रक्रिया में नई तकनीकों के बढ़ते उपयोग से इंडस्ट्री में ट्रेंड प्रोफेशनल की मांग में इजाफा हुआ है।
जॉबप्रॉस्पेक्ट: लेदर टेक्नोलॉजी में छात्रों के लिए देश और विदेश में जॉब के अवसर मौजूद हैं। वे सरकारी और प्राइवेट लेदर प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में जॉब कर सकते हैं। इसके अलावा छात्र लेदर फर्म, एक्सपोर्ट हाउस और सरकारी संस्थाओं में मैनेजेरियल पदों पर नौकरी कर सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी कॅरिअर बना सकते हैं।
एलिजिबिलिटी: लेदर टेक्नोलॉजी कोर्स में प्रवेश के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों से 12वीं की परीक्षा पास करना जरूरी है। बारहवीं के बाद छात्र इसके बीएससी या बीटेक कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। बीटेक कोर्स में प्रवेश जेईई मेन के स्कोर के माध्यम से मिलता है, जबकि बीएससी कोर्स में प्रवेश के लिए विभिन्न संस्थान खुद का एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करते हैं। बीटेक के बाद एमटेक प्रोग्राम में प्रवेश ले सकते हैं। अधिकांश संस्थानों के एमटेक कोर्स में प्रवेश के लिए गेट स्कोर जरूरी होता है। इसके अलावा छात्र लेदर टेक्नोलॉजी के डिप्लोमा कोर्स में भी प्रवेश ले सकते हैं।
कमाई: इस क्षेत्र में फ्रेशर को 15 से 20 हजार रुपए का शुरुआती मासिक पैकेज मिलने की संभावना होती है। 4 से 5 वर्ष के अनुभव के बाद सालाना पैकेज 5 से 6 लाख रुपए का हो सकता है। हालांकि विभिन्न संस्थानों में सैलरी अलग-अलग होने की संभावना होती है। शिक्षा के क्षेत्र में कॅरिअर शुरू करने वाले युवाअों को 25 से 30 हजार रुपए प्रति माह पैकेज मिल सकता है।
प्रमुख संस्थान:
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, दिल्ली www.amu.ac.in/
- मौलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलकाता http://www.wbut.ac.in/
- सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट, चेन्नई http://www.clri.org/
- सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, अागरा http://cftiagra.org.in/english/
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साभार: भास्कर समाचार
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