Sunday, April 12, 2015

ट्रैकिंग सिस्टम से पता चल जाएगा कौन से 'बाबू' ने दबाई फ़ाइल

फाइलों पर कुंडली मारकर बैठने वाले क्लर्को व अधिकारियों पर अब नकेल कसी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने भिवानी जिले में फाइल व पीयूसी ट्रैकिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इस सिस्टम को लागू करने के बाद यह पता चल जाएगा कि किस क्लर्क या अधिकारी के पास फाइल कितने दिनों तक पड़ी रही। इस नए सिस्टम को लागू करने के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने पिछले दिनों चंडीगढ़ में सिविल सर्जन की बैठक में निर्देश दिए थे। इस सिस्टम को लागू करने वाला भिवानी पहला
जिला बन गया है। गौरतलब है कि अभी तक फाइल रिसिप्ट नंबर लगाने का प्रचलन रहा है। इसके बाद फाइल किस अधिकारी या क्लर्क के पास गई, कितने दिनों तक किसने दबाए रखा, इसका कोई हिसाब-किताब नहीं होता है। ऐसे में नया सिस्टम आम आदमी को काफी राहत देने का कार्य करेगा।
ऐसे करेगा यह सिस्टम कार्य: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने एक नया प्रफोर्मा तैयार करवाया है। हर फाइल के साथ यह प्रफोर्मा भी भरना होगा। इस प्रफोर्मा पर विषय लिखने के अलावा रिसिप्ट नंबर, रिसिप्ट तिथि, किससे प्राप्त की और किस को भेजी गई, अगले अधिकारी ने किस तिथि को फाइल प्राप्त की, क्या एक्शन लिया, एक्शन लेने वाले का नाम व हस्ताक्षर, आगे किसे प्रेषित की गई, यदि कोई रिमार्क है तो रिमार्क लिखना होगा। यह सिलसिला उक्त फाइल जिस भी क्लर्क या अधिकारी के पास जाएगी, जारी रखना होगा। इससे इस बात का पता चल जाएगा कि किस क्लर्क ने फाइल को कितने दिन तक अपने पास रखा। इससे फाइल गुम या दबाए जाने की घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लग सकेगा। 
साभार: जागरण समाचार
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