Wednesday, June 14, 2017

अब देश के सभी बोर्डों का एक पाठ्यक्रम होगा: परीक्षा के नियम भी होंगे समान

केंद्रीय मानव विकास संसाधन मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि अब देश के सभी बोर्डों का पाठ्यक्रम एक जैसा होगा। अलग-अलग बोर्डों के अलग-अलग पाठ्यक्रम और मार्किंग नीति को खत्म कर सभी बोर्डों के लिए एक
नीति की व्यवस्था शुरू की जाएगी। यह नीति 2018 से सभी बोर्डों के लिए लागू हो जाएगी। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस साल सीबीएसई की प्राथमिक शिक्षा को नई नीति से छूट दी है, क्योंकि सीबीएसई बोर्ड की टाइमिंग बाकी बोर्ड से अलग है। इसके लिए एक अंतर-बोर्ड कार्यकारी समूह का गठन किया है। यह समूह आठ बोर्डों की तुलना कर अलग-अलग पाठ्यक्रम और मार्किंग व्यवस्‍था को खत्म कर एक कॉमन नीति को लागू करने के लिए काम करेगा। अगले साल से देश के सभी बोर्ड को एक पाठ्यक्रम नीति का पालन करना होगा। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। ग्रेस मार्क देने की नीति का ब्यौरा बोर्ड की वेबसाइट पर दिया जाएगा।
  • ग्रेस मार्क पाने वाले छात्र की मार्कशीट में भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
  • अतिरिक्त पाठ्यक्रम के लिए दिए जाने वाले ग्रेड और नंबर भी मार्कशीट पर लिखे होंगे।
  • सभी प्रमुख विषयों का पाठ्यक्रम सभी बोर्ड के लिए एक जैसा और सभी बोर्डों के लिए लागू होगा। 
  • सभी राज्यों के बोर्ड के प्रश्नपत्र सीबीएसई बोर्ड के प्रश्नपत्र के लगभग समान होंगे। 

अंतर-बोर्ड कार्यकारी समूह गुजरात, तेलंगाना, केरल, छत्तीसगढ़, मणिपुर, जम्मू और कश्मीर, सीबीएसई और सीआईएससीई के पाठ्यक्रम के तुलना कर नया पाठ्यक्रम तैयार करेगा। पास परसेंटेज बढ़ाने के लिए ग्रेस मार्क देने की व्यवस्था जारी रहेगी।
Post published at www.nareshjangra.blogspot.com
साभार: भास्कर समाचार 
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