Friday, June 9, 2017

शाला सिद्धि: सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और पारदर्शिता लाने की कवायद

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधारने के लिए शिक्षा विभाग नया प्रयोग करने जा रहा है। स्कूलों में संसाधन होने के बावजूद उसका लाभ विद्यार्थियों तक न पहुंचने पर न्यूपा से करार किया गया है। राष्ट्रीय
शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय स्कूलों की खराब मैनेजमेंट सुधारेगी। स्कूलों को आनलाइन बताना होगा कि उनके पास कितने संसाधन है और वह उनका कितना लाभ उठा रहे हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। कोई भी व्यक्ति स्कूल की दशा को आनलाइन देख भी सकेगा। शिक्षा विभाग का लक्ष्य स्कूलों में बंद पड़े संसाधनों का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाना है। इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है। निदेशालय ने पिछले दिनों कुरूक्षेत्र में हुई मीटिंग में प्रदेश के सभी जिला व खंड अधिकारियों को जानकारी दी। आने वाले समय में इस योजना को धरातल पर शुरू करने के लिए निदेशालय की तरफ से जिला स्तर पर स्कूल संचालकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय फिलहाल महाराष्ट्र व गुजरात आदि प्रदेशों के लिए भी काम कर रहा है। यहां पर सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को भी शामिल किया गया है। अब हरियाणा प्रदेश के स्कूलों की खराब मैनेजमेंट को सुधारने का काम किया जाएगा। इस कार्यक्रम को शाला सिद्धि नाम दिया गया है। यू डाइस की तरह स्कूल आनलाइन फार्म सुधार हेतु विद्यालय मूल्यांकन फार्म भरेंगे।  
स्कूल मुखिया इसमें बताएंगे कि उनके स्कूल में कितने संसाधन यानि कि स्कूल में कितने विद्यार्थी है, जगह कितनी है। स्कूल में लाइब्रेरी है तो उसमें किताबें कितनी हैं। स्कूल में शिक्षकों के पद कितने हैं और कार्यरत कितने हैं।
स्कूल में पीने के पानी की क्या व्यवस्था है। मिड डे मिल की क्या व्यवस्था है। स्कूल में ग्राऊंड है तो खेलने का सामान कितना है। स्कूल में बजट की क्या व्यवस्था है। इन संसाधनों की पर्याप्तता के बाद उपयोगिता कितनी है। न्यूपा स्कूलों को मैनेजमेंट के बारे में भी बताएगी।
स्कूल प्राचार्य झूठ नहीं बोल पाएंगे कि उनके पास संसाधनों का टोटा है। आनलाइन जानकारी भरने के बाद अधिकारी पोर्टल पर देख सकेंगे कि स्कूल में कितने संसाधन हैं और उनका कितना लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है। अगर स्कूल में लाइब्रेरी है तो किताबें विद्यार्थियों तक पहुंच पा रही हैं या नहीं। पोर्टल पर पूरे प्रदेश के सभी स्कूलों की जानकारी कोई भी देख सकेगा। इसके लिए कोई यूजर नेम या फिर पासवर्ड की जरूरत नहीं होगी।
Post published at www.nareshjangra.blogspot.com
साभार: जागरण समाचार 
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