बात चाहे बिजनेस की हो या जीवन की दोनों जगह कुछ ऐसी परिस्थितियों से हम गुजरते हैं जब दबाव बहुत बढ़ जाता है। इसमें खास बात यह है कि थोड़ा-सा दबाव काम के स्तर को सुधार सकता है। लेकिन अधिक दबाव काम को और लक्ष्यों को ध्वस्त भी कर सकता है। इससे नकारात्मकता भी
आती है। इस बारे में अमेरिकी बास्केट बॉल खिलाड़ी कोबी ब्रायंट कहते हैं- दबाव और चुनौती को अक्सर नकारात्मक माना जाता है, लेकिन असल में ये अवसर होते हैं, जो आपको आगे बढ़ाते हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। असल में दबाव हमेशा बुरा ही माना जाता है। दबाव को सफलता से नहीं असफलता से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन यह भी एक तथ्य है कि व्यक्ति की वास्तविक क्षमता और चरित्र पता चलता है जब उस पर किसी तरह का दबाव होता है। सामान्य परिस्थितियों में यह पता नहीं चलता कि वह कितना सक्षम है। जब व्यक्ति पर दबाव होता है, उस समय वो जिन चीजों का चुनाव करता है, उससे उसके चरित्र और क्षमताओं को समझा जा सकता है। इधर ब्राजील के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी नेमार मानते हैं कि जब आप अपने सपने को साकार करने के लिए प्रयास कर रहे होते हैं तब आप पर कोई दबाव नहीं होता है। यही बात ब्रिटिश अभिनेत्री ओलिविया विलियम्स भी कहती हैं कि मुझे काम को लेकर कोई दबाव नहीं होता, क्योंकि मुझे अपने काम से प्यार है। हालांकि दबाव का एक पक्ष और है। अमेरिकन मोटिवेशनल स्पीकर ब्रायन ट्रेसी के अनुसार कोई भी दबाव में अच्छा काम नहीं कर सकता। दबाव में तो सिर्फ काम की गति बढ़ जाती है।
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साभार: भास्कर समाचार
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