Saturday, June 10, 2017

मार्च तक और बैंकों का विलय कर सकती है केंद्र सरकार, लक्ष्य देश में 4 से 5 वैश्विक स्तर के बैंक तैयार करने

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में छह बैंकों के विलय की सफलता से उत्साहित सरकार मार्च अंत तक और सरकारी बैंकों के विलय की योजना को मंजूरी दे सकती है। सरकार की योजना इस कदम से 4-5 वैश्विक स्तर के
बैंक तैयार करने की है। एक अप्रैल 2017 से एसबीआई में इसके पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चुका है। इसी के साथ एसबीआई दुनिया के टॉप-50 बैंकों में से शामिल हो गया है। वित्त मंत्रालय अन्य सरकारी बैंकों पर भी विलय के इस मॉडल को लागू करने पर विचार कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जा सके और वे वैश्विक बैंकों से प्रतिस्पर्धा कर सकें। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'विलय होना तय है। लेकिन फैसला भविष्य में वित्तीय मजबूती को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा। यदि फंसे कर्ज (एनपीए) की स्थिति सही रहती है तो इस साल के अंत तक बैंकिंग सेक्टर में एक और बड़ा विलय देखने को मिल सकता है।' बीते वित्त वर्ष 2016-17 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान सरकारी बैंकों के फंसे कर्ज का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। और इसका आंकड़ा बढ़कर 6.06 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इनमें से बड़ा हिस्सा बिजली, स्टील, रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्सटाइल सेक्टर में है। वित्त मंत्री अरुण जेटली कई मौकों पर यह बात दोहरा चुके हैं कि भारत को वैश्विक स्तर के 5 से 6 बैंकों की जरूरत है। इनके विलय को लेकर सही समय पर फैसला लिया जाएगा।
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साभार: भास्कर समाचार 
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