Saturday, June 10, 2017

रामपाल समर्थकों और जाटों का संत कबीर जयंती पर शक्ति प्रदर्शन

रोहतक के मेला ग्राउंड में शुक्रवार को आयोजित संत कबीर के 619वें प्रकट दिवस समारोह की आड़ में सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल दास के समर्थकों व जाटों ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान मंच से केंद्र व राज्य
की भाजपा सरकार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप लगाते हुए हमला बोला। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के महासचिव व प्रदेश प्रभारी एडवोकेट अशोक बल्हारा ने कहा कि सरकार ने जाट आरक्षण सहित अन्य मांगों को अगर शीघ्र पूरा नहीं किया तो दोबारा से आंदोलन शुरू कर देंगे। इसके तहत दिल्ली में जनसभा की जाएगी, जिसमें 50 लाख लोग हिस्सा लेंगे।
इस बार रामपाल दास समर्थक भंडारा चलाएंगे और जाट मुढ्ढे डालकर धरनों पर बैठेंगे। बल्हारा ने आरोप लगाया कि सरकार संतों की जयंती पर भी पक्षपातपूर्ण काम कर रही है। संत कबीर की जयंती समारोह की एक बार अनुमति देने के बाद प्रशासन ने उसे रद कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली व राजस्थान से भारी संख्या में 36 बिरादरी के लोगों ने पहुंचकर एकता और सद्भावना का संदेश किया है। इस दौरान बल्हारा ने कहा कि समिति मध्यप्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन को अपना समर्थन देती है। सतलोक आश्रम के अधिवक्ता ने रामपाल दास व समर्थकों के खिलाफ रोहतक व हिसार में दर्ज मुकदमों की प्रगति रिपोर्ट भी सबके समक्ष रखी।
अब नहीं दिख रहा पीएम का 56 इंच का सीना: एडवोकेट अशोक बल्हारा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 56 इंच का सीना होने का दावा करते रहे हैं, लेकिन आए दिन सीमा पर सैनिकों की हत्या हो रही है। पाकिस्तान में सैनिकों के सिर काट कर ले जाए जाते हैं, लेकिन जवाबी कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सैनिकों के बलिदान का बदला लेना चाहिए।
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साभार: जागरण समाचार 
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