Saturday, June 17, 2017

अब बैंक खाता खोलने और 50 हजार रुपए से ज्यादा लेनदेन के लिए आधार जरूरी

सरकार ने बैंक खाता खोलने और 50,000 रुपए या उससे ज्यादा लेन-देन के लिए आधार नंबर अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही जिनके पास पहले से खाता है, उन्हें इस साल 31 दिसंबर तक बैंक में आधार नंबर जमा
करना होगा। नहीं तो खाता अवैध घोषित कर बंद कर दिया जाएगा। खाता खुलवाने के लिए अभी थोड़ी छूट दी गई है, पर 50 हजार से ज्यादा के लेनदेन के लिए आधार नंबर अनिवार्य हो गया है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। दाेनों फैसले 1 जून से ही लागू कर दिए गए हैं। नोटिफिकेशन शुक्रवार को जारी किया गया।  
आधार मिलने तक दूसरे पहचान पत्र की छूट: अगर आपको अभी खाता खुलवाना है और आधार नंबर नहीं है तो आधार के एनरोलमेंट नंबर के साथ राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी, फोटो वाला किसान पासबुक, मनरेगा कार्ड और राजपत्रित अधिकारी या तहसीलदार के हस्ताक्षर वाला प्रमाण-पत्र में से कोई एक जमा करना होगा। 6 माह के भीतर आधार नंबर जमा कराना होगा। नहीं तो बैंक खाता बंद कर देगा। 
पहले पैन और अब आधार। केंद्र सरकार ने आधार को हर वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने की अपनी मंशा और स्पष्ट कर दी है। राजस्व विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर हर बैंक खाते को अगले छह महीने के भीतर यानी दिसंबर, 07 तक आधार नंबर से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उसके बैंक खाते को निलंबित करने का अधिकार भी बैंकों को होगा। यही नहीं अब आधार के बिना बैंक खाता भी नहीं खोला जाएगा और 50 हजार रुपये से ज्यादा के वित्तीय लेनदेन इसके बगैर नहीं होगा। ऐसे लेनदेन के लिए पैन नंबर पहले से ही अनिवार्य है।सरकार ने आम बजट 07 में ही इस बात का संकेत दिया था कि आधार को भी वित्तीय लेनदेन के लिए अनिवार्य बनाया जाएगा। बजट में आधार को स्थाई खाता नंबर (पैन) के साथ जोड़ने की घोषणा की गई थी। यह उसी दिशा में आधार की अनिवार्यता को मुकम्मल करने के लिए सरकार की तरफ से उठाया गया अहम कदम है। वित्त मंत्रलय के राजस्व विभाग ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांडिंग एक्ट में संशोधन करने का उल्लेख करते हुए आधार को बैंकिंग लेनदेन में अनिवार्य बनाने संबंधी उक्त प्रावधान किये हैं। इसमें कहा गया है कि 50 हजार रुपये से ज्यादा के वित्तीय लेनदेन के लिए आधार नंबर के साथ पैन या आयकर अधिनियम के तहत फार्म 60 के साथ देना होगा। ऐसा नहीं होने पर बैंक ग्राहकों के खाते को तब तक के लिए निलंबित कर सकते हैं जब तक कि उन्हें उक्त जानकारी उपलब्ध न कराई जाए। कंपनियों के बैंक खाते के बारे में कहा गया है उनके प्रबंधक, कर्मचारी या अटॉर्नी के आधार नंबर की जानकारी देनी होगी।
छोटे खातों में होगी सरकार ने छोटी राशि के बैंक खातों के खोलने संबंधी नियमों को लेकर भी थोड़ी कड़ाई कर दी है। अगर बगैर केवाईसी (ग्राहक की पहचान व निवास स्थान संबंधी दस्तावेज की बैंक की प्रक्रिया) के बैंक खाते खोले जाते हैं तो इन खातों में अधिकतम 50 हजार रुपये ही एक साथ जमा कराये जा सकेंगे। इन खाताधारकों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर केवाईसी प्रक्रिया करने के लिए आवश्यक कागजात बैंक को देने होंगे। इन खातों को शुरू में सिर्फ महीने के लिए संचालित करने की अनुमति होगी और उसके बाद उन्हें बैंक को केवाईसी के दस्तावेज हासिल करने के लिए आवेदन करने का प्रमाण देना होगा। इसके बाद वे अगले महीने तक बैंक खाता संचालित कर सकेंगे।
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साभार: भास्कर समाचार 
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