Saturday, June 3, 2017

महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में किसानों की हड़ताल से साढ़े 4 लाख लीटर दूध का नुकसान, समर्थन में उतरे अन्ना हजारे

महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में किसानों की हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को राज्यभर की मंडियां बंद रहीं। इस बीच, अन्ना हजारे किसानों के समर्थन में आगे आए हैं और उन्होंने हड़ताल को सही ठहराया है। अन्ना ने कहा,
'किसान हड़ताल के दौरान शांति बनाए रखें, जनता और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएं।' अन्ना ने यह भी कहा कि वे किसानों की तरफ से सरकार से बातचीत करने को तैयार हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। उधर, गुरुवार को किसानों के दूध की गाड़ियों को निशाना बनाने की घटना को देखते हुए को-ऑपरेटिव मिल्क यूनियन ने दूध की सप्लाई 30% तक कम करने का फैसला लिया है। हड़ताल के चलते करीब 4.5 लाख लीटर दूध के नुकसान का अनुमान है। राज्य के दुग्ध विकास विभाग के एक अफसर ने बताया कि हड़ताल के कारण अहमदनगर और नासिक में बहुत ही कम दूध सका। इन दोनों जिलों में हड़ताल का सबसे ज्यादा असर रहा। यहां किसानों ने सड़क पर जा रहे दूध टैंकरों पर हमला कर उनके दूध को सड़क पर बहा दिया।
मध्यप्रदेश में भी रहा असर: महाराष्ट्र के किसानों की हड़ताल का असर मध्यप्रदेश में भी देखा गया। भोपाल की मंडियों में आवक कम रही। इंदौर में दूध की सप्लाई रोक दी गई। आष्टा और सीहोर में किसानों ने मंडियों में जा रहा दूध छीनकर फेंक दिया। शाजापुर में दो घंटे तक नेशनल हाईवे जाम रखा। आगजनी और पथराव किया। टीआई राजेंद्र वर्मा को घेरकर पीटा। पथराव में एसडीओपी घायल हो गए। 
जारी रहेगी हड़ताल- किसान नेता: किसान क्रांति जन आंदोलन के कोर कमेटी के सदस्य धनंजय जाधव ने कहा कि, 'जब तक सरकार किसान कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने का फैसला नहीं करती है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार को हड़ताल का असर और ज्यादा होगा। उन्होंने कहा कि पहले दिन हमारी हड़ताल सफल रही है।' 
इस बीच सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने आरोप लगाया है कि हड़ताल की आड़ में कांग्रेस-एनसीपी हिंसा कराना चाहती हैं। हड़ताल का प्रदेश कांग्रेस ने समर्थन किया है। फडणवीस ने कहा कि सरकार किसानों के साथ है। हम उनके साथ चर्चा को तैयार हैं। हड़ताल से किसानों का ही नुकसान होगा। किसानों की कर्जमाफी को लेकर सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र में कुल एक करोड़ 34 लाख किसानों के बैंक में अकाउंट हैं। इसमें से 31 लाख किसान ऐसे हैं, जो क्रेडिट सिस्टम से बाहर जा चुके हैं, यानी इन किसानों को कर्ज नहं मिल सकता। इन किसानों को वापस क्रेडिट सिस्टम में लाने के कोशिश जारी है। 
  • अन्ना बोले- किसानों की ओर से बातचीत को तैयार 
  • 60 साल के किसानों के लिए पेंशन स्कीम लागू करें। 
  • खेती के लिए बगैर ब्याज का कर्ज मिले। 
  • स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिशें लागू करें। 
  • राज्य में किसानों की कर्जमाफी।

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साभार: भास्कर समाचार 
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