प्रदेश के सरकारी स्कूलों से हटाए जा चुके कंप्यूटर शिक्षकों को हर तरफ
मायूसी ही हाथ लग रही है। शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को हरियाणा
के एडवोकेट जनरल बलदेव महाजन के समक्ष अपना कानूनी पक्ष रखा। शिक्षकों के
अधिवक्ता साथ थे। शिक्षकों ने महाधिवक्ता को पूर्व में हुई भर्ती के सारे
दस्तावेज और मेरिट सूची सौंपी। शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा भी प्रस्तुत
किया गया। महाधिवक्ता ने शिक्षकों के साथ सहानुभूति
जताई, मगर वे सरकार के
रुख पर
कायम रहे। कंप्यूटर शिक्षकों के अनुसार महाधिवक्ता ने नए सिरे से की जा रही
भर्ती में शामिल होने की सलाह दी है। इसका उन्होंने विरोध किया, चूंकि नई
भर्ती नियमित न होकर अनुबंध पर ही है। सरकार ने भर्ती के नियम व शर्तो में
कोई फेरबदल नहीं किया है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार सरकार अनुबंध शिक्षकों को
हटाकर अनुबंध पर नई भर्ती नहीं कर सकती। उनकी नियुक्ति शिक्षा विभाग
द्वारा तैयार मेरिट के आधार पर हुई हैं। भाजपा सरकार के रुख से शिक्षक खफा
हैं। 142 दिन के क्रमिक अनशन के बावजूद अनुबंध न बढ़ने से गुस्साए शिक्षक
फिर उग्र आंदोलन करेंगे। मंगलवार से पंचकूला की सड़कों पर प्रदर्शन किया
जाएगा। कंप्यूटर शिक्षक वेलफेयर संघ के प्रधान बलराम धीमान ने कहा कि सरकार
चाहे तो कानूनी दायरे में रहकर समस्या का हल निकाल सकती है लेकिन, मेरिट
सूची को नजरअंदाज कर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। उन्होंने महाधिवक्ता
के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता से भी मुलाकात की।
गुप्ता ने कहा कि नई भर्ती का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। कंप्यूटर
टीचर्स की नौकरी बहाल करने का फैसला भी सरकार ही लेगी।
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साभार: जागरण समाचार
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