Saturday, June 27, 2015

ऑनलाइन आयकर रिटर्न भरना हुआ बहुत आसान: जानिए क्यों और कैसे भरें रिटर्न

आयकर विभाग ने नया रिटर्न फॉर्म (आईटीआर) नोटिफाई कर दिया है। रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्‍त तक की गई है। आमतौर पर आयकरदाता रिटर्न दाखिल करने को एक पेंचीदा काम मानते थे लेकिन ऑनलाइन रिटर्न की व्यवस्था शुरू होने से यह काम पहले से काफी आसान हो गया है। इसके बावजूद ऑनलाइन रिटर्न भरने में सावधानी बरतना जरूरी है। ऑनलाइन रिटर्न भरने में थोड़ी सी गड़बड़ी आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। हम आपको बता रहे हैं, कि कैसे आसानी से ऑनलाइन रिटर्न भरा जा सकता है। किस तरह की तैयारी और सावधानी जरूरी है। किस आयकरदाता के लिए कौन सा रिटर्न
फॉर्म है। 
इस तरह भरें ऑनलाइन रिटर्न: 
  • ऑनलाइन रिटर्न भरने के लिए सबसे पहले आयकर विभाग की साइट https://incometaxindiaefiling.gov.in पर रजिस्‍ट्रेशन कराना होगा।
  • पहले से रजिस्‍टर्ड यूजर अपनी आईडी और पासवार्ड डालकर लॉगइन कर लें।
  • अगर करदाता साइट पर रजिस्‍टर्ड नहीं हैं तो पैन नंबर, जन्‍म तिथि, नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल फोन नंबर देकर आसानी से रजिस्‍टर्ड हो सकते हैं।
  • इसके बाद रजिस्‍ट्रेशन तीन पेज का फॉर्म आएगा। फॉर्म के पार्ट1 में आपको अपने से जुड़ी सभी जानकारी देनी होगी। जैसे, नाम, पैन नंबर, जन्‍म तिथि, इनकम टैक्‍स सर्किल, पत्राचार का पता आदि।
  • फॉर्म के पार्ट2 में आय का ब्योरा देना होगा।
  • फॉर्म के पार्ट3 में 80C से लेकर 80U तक टैक्‍स छूट और कर योग्‍य कुल आय का विवरण देना होगा।
किसके लिए कौन सा फॉर्म: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने ITR फॉर्म 1, 2, 2A और 4S को पहले की तुलना में सरल बना दिया है। 
  • फॉर्म-1 (सहज): वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशन कर्मियों के लिए है। इस फॉर्म से रिटर्न भरने वाले व्‍यक्ति के पास एक से अधिक मकान से आय नहीं होनी चाहिए। 
  • फॉर्म-2 को व्‍यक्तिगत करदाता और सभी हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) भर सकते हैं। इस फॉर्म को बिजनेसमैन नहीं भर सकते हैं। 
  • फॉर्म-2A को बिजनेसमैन और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) भर सकते हैं। हालांकि, वैसे बिजनेसमैन इसको नहीं भर सकते हैं जिनको कैपिटल गेन प्राप्‍त हुआ है और विदेश में संपत्तियां हैं। 
  • फॉर्म- 4S (सुगम) को व्‍यक्तिगत करदाता और बिजनेसमैन भर सकते हैं। इस फॉर्म को वैसे बिजनेसमैन भर सकते हैं, जिनकी सालाना इनकम 1 करोड़ रुपए से कम हैं और उनके पास कोई बहीखाता नहीं है। ऐसे बिजनेसमैन की कुल बिक्री का 8 फीसदी उसका सालाना आय माना जाएगा। 
  • फॉर्म 3, 4, 5 और 6 को अभी नोटिफाई नहीं किया गया है क्‍योंकि अभी इनके रिटर्न भरने में समय बचा हुआ है।
खुद से रिटर्न भरने के लिए क्‍या जरूरी: वेतनभोगी वर्ग के लिए खुद से ऑनलाइन आईटी रिटर्न भरना बहुत ही आसान है। इसके लिए रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16A और फॉर्म 26AS होना जरूरी है। फॉर्म 16A से सालाना आय की जानकारी मिलती है और 26AS से साल में हुई टीडीएस कटौती की जानकारी मिल जाती है। इन दोनों फॉर्म से मिली जानकारी के मुताबिक आसानी से ऑनलाइन रिटर्न भरा जा सकता है। 
अगले कुछ दिनों में शुरू होगी सेवा: आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आईटीआर1 और आईटीआर4C फॉर्म आयकर विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट पर भरने के लिए उपलब्ध है। आईटीआर2 और आईटीआर2A फॉर्म को साइट पर डालने के लिए कुछ दिन और लग सकते हैं। इसके बाद आयकर दाता आसानी से ऑनलाइन रिटर्न भर सकते हैं। 
खुद से क्‍यों भरे रिटर्न: वेतनभोगी वर्ग के लिए खुद से रिटर्न भरने के कई फायदे हैं। पहला, जब आप खुद से रिटर्न भरते हैं तो आयकर विभाग से मांगी गई जानकारी आपके ईमेल या मोबाइल पर आती है जिसका जवाब आप आसानी से दे सकते हैं। 
रिटर्न की कॉपी बेंगलुरु भेजना जरूरी या नहीं: कर सलाहकार सुभाष लखोटिया का कहना है कि अभी इसको लेकर कोई स्‍पष्‍ट दिशानिर्देश नहीं आया है। अगले कुछ दिनों में इसको लेकर दिशानिर्देश जारी होने की उम्‍मीद है। हां, यह हो सकता है कि जिनका आधार कार्ड है, उनको फॉर्म बेंगलुरु नहीं भेजना पड़ सकता है।


साभार: भास्कर समाचार 
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