Saturday, June 13, 2015

AIPMT पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सोमवार को: कोर्ट ने सीबीएसई को 'फेल' कहा

मेडिकल के स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश की आल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआइपीएमटी) के नतीजे घोषित करने पर फिलहाल रोक जारी है। परीक्षा के भविष्य पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को फैसला सुनाएगा। पर्चा लीक होने और नकल से बचाव के पुख्ता इंतजाम न कर पाने के लिए शुक्रवार को कोर्ट ने कहा कि सीबीएसई फेल हो गया है। संदेह पैदा करने वाली परीक्षा को मंजूरी नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल व अमिताव राय
की पीठ ने एआइपीएमटी परीक्षा रद कर दोबारा परीक्षा कराए जाने की छात्रों की मांग पर सुनवाई के दौरान ये टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने छात्रों की याचिका पर सभी पक्षों की बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया। साथ ही सीबीएसई को निर्देश दिया कि तब तक परीक्षा के नतीजे न घोषित किए जाएं। 3 मई को हुई परीक्षा के दौरान रोहतक में पुलिस ने परीक्षा की उत्तर पुस्तिका लीक करते कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। पीठ ने कहा कि सीबीएसई की नकल रोकने की प्रक्रिया पुरानी पड़ चुकी है। नकल में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। इससे निपटने में सीबीएसई नाकाम रही। पीठ ने कहा कि अगर एक व्यक्ति ने भी लाभ उठाया है तो परीक्षा की विश्वसनीयता संदिग्ध हो जाती है। इससे पहले सीबीएसई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने दोबारा परीक्षा कराए जाने का विरोध किया।
44 परीक्षार्थियों ने ध्वस्त की सुरक्षा व्यवस्था: ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट के दौरान की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को 44 परीक्षार्थियों ने ध्वस्त की थी। शुक्रवार को प्रगति रिपोर्ट पेश करने के दौरान पुलिस ने इन सभी परीक्षार्थियों की सूची सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है। वहीं, पुलिस ने यह भी बताया है कि इनमें से दस आरोपी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 21 जांच में शामिल किए गए हैं। पुलिस ने परीक्षार्थियों की ऐसी सूची भी तैयार की है, जिनके आंसर-की हासिल कर परीक्षा देने का संशय है। पुलिस उनकी गहनता से पड़ताल कर रही है।1एसआइटी प्रभारी डीएसपी अमित भाटिया ने बताया कि गत 3 जून को एआइपीएमटी परीक्षार्थियों के अभिभावकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने न केवल परीक्षाफल पर रोक लगाई थी, बल्कि हरियाणा पुलिस को आंसर-की हासिल कर परीक्षा देने वालों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को पुलिस महानिरीक्षक श्रीकांत जाधव, एसपी शशांक आनंद और एसआइटी प्रभारी डीएसपी अमित भाटिया सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। सुनवाई के दौरान पुलिस ने पेपर लीक गिरोह से सांठ-गांठ कर परीक्षा देने वाले 44 परीक्षार्थियों की सूची अदालत में पेश की। पुलिस ने बताया परीक्षार्थियों के पास आंसर-की प्राप्त कर परीक्षा देने की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा पुलिस ने 21 अन्य लाभार्थियों की गिरफ्तारी नहीं की, लेकिन सभी से हासिल किए गए विशेष उपकरण लगे अंत:वस्त्र आदि बरामद किए गए हैं।
साभार: जागरण समाचार
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