Wednesday, May 25, 2016

पोटैशियम ब्रोमेट: ब्रेड में होता है ये प्रतिबंधित रसायन, कैंसर की रहती है आशंका

इस भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में लोगों की सबसे बड़ी समस्या 'समय' की है। ऐसे में लोगों को सभी चीज़ों के लिए समझौता करना पड़ता है। इसका असर खान-पान में भी देखने को मिल रहा है। समय बचाने के चक्कर में लोग पारंपरिक भोजन छोड़, फास्ट-फूड को काफ़ी तवज्जो दे रहे हैं। हालांकि लोगों को ये पता है कि इससे गंभीर समस्या से
जूझना पड़ सकता है, फ़िर भी लोग लापरवाही कर रहे हैं। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर के स्नैक्स में भी हम ब्रेड खाने लगे हैं। फटाफट तैयार हो जाने वाला सैंडविच, ब्रेड-जैम, ब्रेड-मक्खन, पिज्जा और बन खान-पान का हिस्सा हो गए हैं। लेकिन ये हमारे शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक हैं। CSE (Centre for Science and Environment ) के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ब्रेड खाने से कैंसर हो सकता है और हां...ये बात शत-प्रतिशत सच है। आइए पूरे मामले को समझाते हैं:
कैंसर और थायरायड हो सकते हैं: CSE के एक अध्ययन के अनुसार, ब्रेड बनाने के दौरान आटे में पोटैशियम ब्रोमेट तथा पोटैशियम आयोडेट का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर के लिए काफ़ी ख़राब है। इससे शरीर में कैंसर होने का ख़तरा रहता है, जबकि पोटैशियम आयोडेट से थायरायड संबंधित बीमारी भी हो सकती है। 
38 कंपनियां हुईं टेस्ट में फेल: सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि ब्रेड बनाने वाली देश की 38 कंपनियां इस टेस्ट में फेल हो चुकी हैं। 84 फीसदी कंपनियों के सैंपल में पोटैशियम ब्रोमेट या पोटैशियम आयोडेट पाए गए हैं। 
दुनिया में 'पोटैशियम ब्रोमेट' बैन है: विश्व के कई देशों में पोटैशियम ब्रोमेट और पोटैशियम आयोडेट को बैन कर दिया गया है। खासतौर से ब्रेड में इनका इस्तेमाल प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन दुख की बात ये है कि भारत में इन पर प्रतिबंध नहीं है। 
स्वास्थ्य मंत्री जांच की बात कह रहे हैं: CSE की रिपोर्ट पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि 'हम मामले की जांच कर रहे हैं। मैंने अधिकारियों से जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। घबराने की ज़रूरत नहीं है। जल्द ही जांच रिपोर्ट में सब साफ हो जाएगा'
कंपनियां गलती मानने को तैयार नहीं हैं: दुख की बात ये है कि देश की 38 विश्वसनीय कंपनियों ने इस रिपोर्ट को खारिज़ कर दिया है, जिनमें Subway, MacDonald, Life of Slice, Dominos जैसी कंपनियां शामिल हैंउनका मानना है कि सब नियम से चल रहा है। 
एक समय था, जब लोग बासी रोटी तक खाना नहीं पसंद करते थे, लेकिन मजबूरी या समय बचाने के चक्कर में लोग मौत को दावत तक देने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। बाज़ार हम पर इस क़दर हावी हो चुका है कि हम चाह कर भी इन चीज़ों से दूरी नहीं बना पा रहे हैं। हमें सोचना होगा कि हम कहां जा रहे हैं। अगर स्वस्थ रहेंगे, तभी हमारी दुनिया भी सुंदर दिखेगी। अब समय आ गया हैअपनी पुरातन दिनचर्या की तरफ वापस मुड़ने काउम्मीद है कि आप हमारी बात से सहमत होंगे। अगर आप अपने परिजनों की चिंता कर रहे हैं, तो उन्हें ये आर्टिकल ज़रूर पढ़ाएं। 
Post published at www.nareshjangra.blogspot.com

साभारसोशल मीडिया (कृपया खबर की सत्यता की जांच स्वयं करें) 

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