कुछ भी नया सीखना इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना याद रख पाते हैं और कितनी प्रैक्टिस करते हैं। कुछ कदमों से सीखने की प्रक्रिया को समझा जा सकता है। इसमें पहला है दोहराना। जो भी नया आप
सीखना चाहते हैं उसे करके देखना और बार-बार दोहराना जरूरी होता है। जैसे मान लीजिए आप क्रिकेट खेलते हैं तो एक ही शॉट की बार-बार प्रैक्टिस करनी होगी। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। इससे उस शॉट में महारत होती जाएगी। दूसरा कदम है, इस ट्रेनिंग काे सख्त से सख्त बनाना। अपने लिए अधिक मुश्किल लक्ष्य निर्धारित करते जाना और उसकी प्रैक्टिस करते जाना। इससे वह मुश्किल लक्ष्य धीरे-धीरे आसान बनता जाएगा। और क्षमताएं पहले से अधिक हो जाएंगी। तीसरा कदम होगा तेजी से करना। जब आप उस तय मुश्किल काम को करने लगते हैं तो आपके सामने चुनौती होती है उसे तेजी से करना। इसके लिए आप स्वयं टाइम लाइन भी तय कर सकते हैं। हो सकता है शुरू में इसका थोड़ा दबाव महसूस करें, लेकिन इससे आपकी वर्किंग मेमोरी अधिक कॉन्शियस बनती जाएगी। इसे और आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए उसी काम को कोई दूसरी बात दिमाग में रखते हुए करके देख सकते हैं। लेकिन अगर आपकी प्रैक्टिस बहुत अच्छी हो चुकी होगी तो आप काफी सहजता से इसे कर जाएंगे।
Post published at www.nareshjangra.blogspot.com
साभार: भास्कर समाचार
For getting Job-alerts and Education News, join our Facebook Group “EMPLOYMENT BULLETIN” by clicking HERE. Please like our Facebook Page HARSAMACHAR for other important updates from each and every field.