Saturday, July 9, 2016

शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी को हाई कोर्ट में चुनौती, सरकार से जवाब तलब

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक साथ कई याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व सेकेंडरी शिक्षा के निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं। इस मामले में हिसार जिले के गांव गंगवा स्थित स्कूल में कार्यरत पीजीटी शिक्षक राजीव वर्मा व अन्य ने हरियाणा शिक्षा
विभाग द्वारा 29 जून को जारी शिक्षक तबादला नीति को चुनौती दी है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। याची के वकील संदीप गोयत ने पीठ को बताया कि नई नीति के तहत एक जगह पर लगातार पांच साल कार्यरत शिक्षकों के तबादले का प्रावधान तय किया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग के ऑन लाइन पोर्टल लांच कर रखा है। एमआइएस के माध्यम से सभी टीचरों को अपनी पूरी जानकारी उसमें फीड करनी है। उसके बाद पोर्टल से अपनी मनपंसद के स्टेशन पर तबादले के लिए शिक्षकों को अपनी प्राथमिकता देनी है। गोयत ने इस नीति की खामी का हवाला देते हुए न्यायालय को बताया कि याची इस समय हिसार के गांव गंगवा स्कूल में कार्यरत है। इससे पहले वह एक अन्य गांव में कार्यरत था लेकिन उसे 7 अप्रैल 2016 को गांव गंगवा में भेज दिया गया। याची को अभी इस स्कूल में आए हुए कुछ ही महीने हुए है। तबादला नीति के तहत हर शिक्षक को पोर्टल पर अपना तबादला फार्म भरना जरूरी हे। याची के अनुसार जब उसने ऑनलाइन फार्म भरना शुरू किया तो जिस स्टेशन पर वह काम कर रहा है उसे रिकॉर्ड में डीम्ड वैकेंसी दिखाया जा रहा है और उससे अन्य स्टेशन का चयन करने के लिए कहा जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार एक जगह पर लगातार पांच साल काम करने वाली पोस्ट को ही डीम्ड़ वैकेंसी दिखाते हुए आवेदक से नया स्टेशन भरने के लिए कहा जाता है। लेकिन उसको नो ऑप्शन पर क्लिक करने की इजाजत नही दी जा रही है। तबादले के लिए नया स्टेशन मांगा जा रहा है। याची के अनुसार इस नई तबादला नीति में यह गलत है।
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साभारजागरण समाचार 
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