Sunday, July 10, 2016

अध्यापिका ने हिन्दू बच्चों को डरा कर पढ़वाई नमाज; साढ़े पांच लाख जुरमाना

ईद के दिन तावडू़ कस्बे एक निजी स्कूल की शिक्षिका को जाने क्या सूझी कि उन्होंने हिन्दू बच्चों को नमाज पढ़ने का फरमान जारी कर दिया। डरे सहमे बच्चों ने वही किया जो मोहतरमा का हुक्म था। यह अलग बात है कि मोहतरमा के हुक्म का खामियाजा स्कूल प्रबंधन को भुगतना पड़ा और उस पर पंचायत ने साढ़े पांच लाख का
रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों ने मामले को सूझबूझ से सुलझा लिया और तावडू सांप्रदायिक तनाव में झुलसने से बच गया। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। हुआ यह कि स्कूल में ईद मिलन के मौके पर शिक्षिका ने हिन्दू बच्चों पर नमाज पढ़ने का दबाव बनाया। उन्होंने डरकर वैसा ही किया, जैसा शिक्षिका ने कहा। लेकिन घर जाकर सारी बात अभिभावकों से बता दी। इसके बाद बवाल होना ही था। गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल घेर लिया। मामला संवेदनशील था। पुलिस पहुंची। मुस्लिम समुदाय के लोग भी पहुंचे। उन्होंने भी मोहतरमा के कृत्य की निंदा की। थाने में पंचायत हुई। स्कूल ने माफी मांगी। पंचायत ने माफी देने के लिए स्कूल प्रबंधन पर 5.51 लाख का जुर्माना अदा करने की शर्त रखी और मामला सुलझ गया। पंचायत ने इसके अलावा दो साल तक स्कूल की फीस न बढ़ाने और स्कूल में पढ़ने वाली छात्रओं को स्कर्ट की जगह सूट-सलवार पहनकर आने के निर्देश भी दिए। स्कूल प्रबंधन ने इसे मान लिया और दोबारा ऐसी गलती न होने देने का आश्वासन दिया। घटना के बारे में डीएसपी सुमेर सिंह और नायब तहसीलदार इंद्रजीत चांदना ने कहा कि क्षेत्र के प्रमुख लोगों की सूझबूझ से मामला सुलझा दिया गया है।
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साभारजागरण समाचार 
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