कुरुक्षेत्र में चल रही पुलिस भर्ती में अव्यवस्थाएं होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी के अध्यक्ष पूर्व आइजी रणबीर शर्मा बहस के लिए शुक्रवार को कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय पहुंचे। लेकिन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती उन्हें नहीं मिल पाए। शर्मा ने करीब दो घंटे तक कार्यालय में भर्ती की खामियों के
मुद्दे पर चर्चा के लिए चेयरमैन का इंतजार किया। चेयरमैन ने रणबीर शर्मा के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रणबीर शर्मा ने पुलिस मैनुअल का हवाला देते हुए कहा कि भारी अव्यवस्थाएं बरती जा रही हैं। पुलिस भर्ती का स्थान आवासीय है। राज्य में इस समय छह ट्रेनिंग सेंटर खाली पड़े हैं। वहां उम्मीदवारों को जोन अनुसार बुलाया जा सकता था। भर्ती आमतौर पर अक्टूबर से नवंबर और फरवरी से मार्च माह के दौरान होती है। अस्थायी शौचालय बनाए जाते हैं। अस्थायी डिस्पेंसरी का निर्माण होता है। एंबुलेंस मौजूद रहती है, परंतु कुरुक्षेत्र में भर्ती स्थल पर खामियां ही खामियां बरती हैं। शर्मा ने कहा कि आमतौर पर पुलिस व सेना में भर्ती के समय सबसे पहले जवान की छाती व लंबाई मापी जाती है। डॉक्टर मेडिकल करते हैं। इस प्रक्रिया के बाद ही दौड़ लगवाई जाती है, परंतु इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। पुलिस मैनुअल तथा पुराने सिविल व सैन्य भर्ती रिकॉर्ड के अनुसार रोजाना एक स्थान पर 500 से 700 जवानों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाता है, लेकिन कुरुक्षेत्र में रोजाना 10 हजार जवानों को बुलाया जा रहा है। दूसरी तरफ आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ विरोध के लिए विरोध हो रहा है। किसी भी अभ्यर्थी अथवा उनके परिजनों ने किसी तरह की शिकायत नहीं की है। सभी व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। उधर, हरियाणा पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने रणबीर शर्मा पर जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जींद में हुई भर्ती की तमाम खामियां किसी से छिपी नहीं हैं।
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साभार: जागरण समाचार
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