Friday, July 25, 2014

केला है इन तेरह समस्याओं का इलाज

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Two‘bananas’ a day keep a doctor away. इसे पढ़कर शायद आपको अटपटा लगे और आप Two Bananas की जगह An Apple लिखने को कहें। परन्तु यह वाक्य भी उतना ही यथार्थ है जितना सेब वाला।  जी हां, सिर्फ सेब ही नहीं, बल्कि दिन में दो केले भी आपको डॉक्टर से दूर रख सकते हैं। इससे पहले की हम आपको एक दिन में दो केले खाने के फायदे बताना शुरू करें, पहले यह जान लीजिए कि केला खाने से कोई मोटा नहीं होता। यह सिर्फ एक मिथ है। इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलती है। इसमें फाइबर और तीन तरह की शुगर होती है- सुक्रोज़, फ्रुक्टोज़ और ग्लूकोज़। एक रिसर्च के मुताबिक, 90 मिनट के वर्कआउट के लिए दो केले आपको खूब एनर्जी दे सकते हैं। इसलिए एथलीट्स

इंटरव्यू में कामयाबी के तेरह टिप्स

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सिर्फ डिग्रियां हासिल करने से ही आजकल नौकरी नहीं लग जाती! कॉम्पिटिशन के इस ज़माने में ज़रूरी है भीड़ से अलग दिखना, खुद की काबिलियत साबित करना और इंटरव्यू लेने वाले को इम्प्रेस करना। आपने इतना हार्ड वर्क किया है, लेकिन इंटरव्यू के दौरान काम आती है आपकी स्मार्टनेस। इसके लिए आपको पता होना चाहिए कि इंटरव्यू के दौरान आपको किन बातों का ख्याल रखना है, क्योंकि छोटी-छोटी बातें ही आपको मनपसंद नौकरी दिलाने में मदद करती हैं। आज हम आपको कामयाब इंटरव्यू के लिए दे रहे हैं कुछ टिप्स: 

ये सात ड्राई फ्रूट्स देते हैं आपको ऊर्जा और बचाते हैं हार्ट प्रॉब्लम से

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सूखे मेवे खाना शरीर और स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद होता है। ड्राय फ्रूट्स में प्रोटीन, फाइबर, फॉलिक एसिड, विटामिन ई, विटामिन बी-6 और खनिज पदार्थ की भरपूर मात्रा होती है। भारतीय परिवारों में जाड़ों की शुरुआत होते ही हर घर में ड्राय फ्रूट्स आ जाता है। कई घरों में तो गर्मियों में भी सूखे मेवे खाएं जाते हैं, हालांकि गर्म होने की वजह से इस मौसम में ये शरीर को थोड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि सर्दियों में सुबह स्कूल

दांतों का पीलापन दूर करने के घरेलू आसान उपाय

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दांतों का पीलापन आज के समय में एक आम समस्या है। सही ढंग से केयर न करने या प्लांक जमने के कारण दांत पीले हो जाते हैं। इसके अलावा, खाने की कुछ चीजों के लगातार उपयोग, बढ़ती उम्र या अधिक दवाइयों का सेवन भी दांतों के पीलेपन के कारण हो सकते हैं। पीले दांतों के कारण न सिर्फ चेहरे की खूबसूरती प्रभावित होती है, बल्कि आत्मविश्वास में भी कमी आती है। आज हम आपको दांतों का पीलापन दूर करने के कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं। ये नुस्खे आपके दांतों का

चेहरे को फेयर और ग्लोइंग बनाएं ऐसे

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फेयर और ग्लोइंग स्किन तो सभी चाहते हैं, लेकिन उसके लिए बहुत ज्यादा कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स यूज करना ठीक नहीं है। दरअसल, कई बार ज्यादा कॉस्मेटिक्स यूज करने से स्किन का कलर ज्यादा डार्क हो जाता है। ऐसे में रंगत निखारने के लिए कॉस्मेटिक्स की जगह घरेलू नुस्खों का उपयोग करेंगे तो सांवलापन कम हो जाएगा और चेहरा चमकने लगेगा। चलिए आज जानते हैं कुुुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खों के बारे में जिन्हें अपनाने से रंग निखरने लगता है:

वजन ज्यादा है तो क्या खाएं और क्या न खाएं

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Post published at www.nareshjangra.blogspot.com
भारत में मोटे लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। आज करीब 4 करोड़ 10 लाख ऐसे लोग भारत में मौजूद हैं, जिनका वजन सामान्य से कहीं ज्यादा है। अधिकांश लोग शुरुआत में मोटापा बढ़ने पर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन जब मोटापा बहुत अधिक बढ़ जाता है तो उसे घटाने के लिए घंटों पसीना बहाते रहते हैं। मोटापा घटाने के लिए खान-पान में सुधार जरूरी है। कुछ प्राकृतिक चीजें ऐसी हैं, जिनके सेवन से वजन नियंत्रित रहता है। इसीलिए यदि आप वजन कम करने के लिए बहुत मेहनत नहीं कर पाते हैं तो अपनाएं आगे बताए गए छोटे-छोटे उपाय। ये आपके

Thursday, July 24, 2014

झड़ते बालों के लिए घरेलू इलाज

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बाल हमारी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं, लेकिन जब बालों में कोई गड़बड़ी आ जाए तो यह हमारे लिए चिंता का विषय भी बन जाता है। कभी-कभी बालों का गिरना तो सामान्य-सी बात है, लेकिन रोजाना बालों का बहुत अधिक गिरना अच्छा नहीं है। सोचिए, अगर आपके बाल इसी तरह गिरते रहें, तो कुछ सालों में उनकी दशा क्या होगी। क्या आपको ये लग रहा है कि हम आपको डरा रहे है। जी नहीं, ये एक सच्चाई है जिस पर समय से ध्यान नहीं दिया जाए तो ये एक बड़ी समस्या का रूप ले सकती है। यदि आप भी बालों के गिरने से परेशान हैं, तो हम आपको

कैसे पता लगाएं फर्जी फेसबुक आईडी का

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सोशल मीडिया से आपराधिक मामले काफी बढ़ रहे हैं। हाल ही में भारत में दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें फेसबुक से फेक प्रोफाइल (फर्जी आईडी) का इस्तेमाल करके लोगों से ठगी की गई है। 
केस 1: फेसबुक के जरिए लूट लिए 1.3 करोड़ रुपए
देहरादून की एक महिला फेसबुक से किए गए झांसे में आकर 1.3 करोड़ रुपए गंवा बैठी। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, आरोपी ने देहरादून में वृद्धाश्रम खोलने के लिए महिला को 9 करोड़ रुपए देने का वादा किया था, लेकिन इससे पहले उसने इस रकम की टैक्स अदायगी करने को कहा। राम विहार की रहने वाली बीना ठाकुर इस झांसे में आ गई और अलग-अलग बैंक खातों में 1.3 करोड़ रुपए जमा करवा दिए। 
केस 2: फेक प्रोफाइल बनाकर की अश्लील बातें
सागर के पूर्व विधायक बेलूर गोपालकृष्‍णन की बेटी मेघा वंदना को उस वक्‍त जबर्दस्‍त झटका लगा, जब उन्‍हें पता चला कि कोई शख्‍स उनकी तस्‍वीर का इस्‍तेमाल फेसबुक और अन्‍य सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपनी प्रोफाइल पिक्‍चर के तौर पर कर रहा है और लड़कों से अश्‍लील बातें कर रहा है। बाद में जब आरोपी की गिरफ्तारी हुई तो मेघा को और भी झटका लगा। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि स्‍कूल की उनकी पुरानी दोस्‍त प्रतिमा थी। 
फेक अकाउंट के मामले में भारत और तुर्की सबसे आगे:
फेसबुक की मासिक रिपोर्ट (अप्रैल 2014) के अनुसार, ऐसे नकली अकाउंट की संख्या भारत व तुर्की जैसे विकासशील देशों में अधिक है। इसके अनुसार, 31 मार्च 2014 तक फेसबुक के 1.28 अरब एमएयू थे, जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। पहली तिमाही (2014) में उसकी वृद्धि में भारत व ब्राजील के यूजर्स का काफी योगदान रहा।
फेसबुक में फेक प्रोफाइल का इस्तेमाल करके लोग कई बार गैरकानूनी काम करते हैं। वैसे तो फेसबुक प्रोफाइल पर फेक अकाउंट का पता लगाना बहुत मुश्किल है, लेकिन एक ऐसा ऐप बनाया गया है, जो इस काम में यूजर्स की मदद कर सकता है। इस ऐप का नाम है 'फेकऑफ'। इसके अलावा, कुछ ऐसी टिप्स भी हैं, जिनकी मदद से फेसबुक पर यूजर्स सुरक्षित रह सकते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं फेसबुक पर फेक अकाउंट्स का पता लगाने वाले इस ऐप के बारे में। इसके अलावा, कुछ ऐसी टिप्स जिन्हें ध्यान में रखकर आप फेक अकाउंट्स से बच सकते हैं।
FAKE OFF App: फेसबुक पर फेक अकाउंट को पहचानना इतना आसान नहीं होता, लेकिन इजरायल स्थित एक कंपनी ने ऐसा मोबाइल ऐप बनाया है जो फेसबुक पर फेक अकाउंट का पता लगाने में मदद करेगा। दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर फेक अकाउंट का पता लगाने का दावा करने वाला यह ऐप 'फेकऑफ' के नाम से पेश किया गया है। इजरायली डेवलपर इलिरैन शाचार (Eliran Shachar) ने इस ऐप को डिजाइन किया है। इलिरैन शाचार ने सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट्स की वजह से लोगों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस ऐप को बनाया है। 
फेकऑफ कैसे करता है काम: फेसबुक पर फेक अकाउंट कई ग्रुप्स में होते हैं। इनमें क्रिमिनल से लेकर कमर्शियल तक, लगभग सभी तरह के फेक अकाउंट मिल जाते हैं। फेकऑफ ऐप एक खास एल्गोरिदम का प्रयोग कर फेसबुक प्रोफाइल को 1 से लेकर 10 तक की रेंज में नंबर देता है। यह स्कैनिंग मौजूदा समय से पिछले एक साल (365 दिन) तक चलती है। ऐप में फेसबुक प्रोफाइल की कोई भी अलग गतिविधि को चेक किया जाता है और उस हिसाब से ही फेक अकाउंट का पता लगाया जाता है। इस ऐप में फेसबुक की टाइमलाइन की सभी गतिविधियां देखी जाती हैं। यह एप्लिकेशन https://www.fakeoff.me/ पर मिलेगा। इस ऐप की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऐप के लॉन्च होने के दो महीनों के अंदर ही इसके 15000 यूजर्स बन गए थे। इस ऐप का सबसे बड़ा फायदा ये है कि यूजर्स जो कुछ भी करेंगे, वो प्राइवेट रहेगा। इसके अलावा, रियल टाइम नोटिफिकेशन भी मिलेंगे। इसके अलावा, फेक ऑफ एप्लिकेशन की मदद से इमेज फ्रॉड स्कैन भी किया जा सकता है। फेकऑफ बनाने वाले इलिरैन शाचार (Eliran Shachar) ने जनवरी में इस ऐप को लॉन्च करते समय कहा था कि फेसबुक के 1.35 बिलियन यूजर्स में से लगभग 10 प्रतिशत फेक अकाउंट होते हैं। इस ऐप की मदद से यूजर्स को ऐसे अकाउंट और इनकी गतिविधियों से बचाया जा सकता है। शाचार के मुताबिक, ऐप की मदद से जांचे गए सभी अकाउंट्स में से 24 प्रतिशत फेक निकलते हैं। फेक ऑफ ऐप का एल्गोरिथम टेस्ट पूरी तरह से एक्युरेट तो नहीं कहा जा सकता है, लेकिन फिर भी इस ऐप को काफी हद तक सही अनुमान के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस ऐप का आधिकारिक पेज फेसबुक पर भी मिल जाएगा, जहां से आप इसे कम्प्यूटर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्रोफाइल पिक्चर और अन्य फोटोज: किसी भी रियल अकाउंट होल्डर की कम से कम एक या दो असली तस्वीरें फेसबुक पर होती हैं। अगर आपको कोई रिक्वेस्ट आती है तो सबसे जरूरी है कि आप अनजान व्यक्ति की प्रोफाइल चेक करें। अगर उसमें कोई भी रियल फोटो नहीं दिखती है तो हो सकता है कि यह फेक प्रोफाइल हो। अगर कोई असली जैसी लगने वाली फोटो दिखती है तो उसे आप गूगल पर सर्च भी कर सकते हैं। इसके लिए
1. जिस फोटो को सर्च करना है, उसे अपने डेस्कटॉप पर सेव करें।
2. अपना ब्राउजर खोलें।
3. गूगल इमेज पर जाकर फोटो को ड्रॉप कर दें। गूगल अपने आप उस फोटो से मिलती-जुलती हर फोटो आपको दिखा देगा।
नेम सर्च: सिर्फ फोटो ही नहीं, अगर आपको किसी भी प्रोफाइल के फेक होने का शक है तो उस प्रोफाइल नेम को भी गूगल सर्च कीजिए। अगर वो असली नाम होगा, तो गूगल पर कोई ना कोई मिलता-जुलता सर्च रिजल्ट आपको मिल ही जाएगा।
सेलिब्रिटी प्रोफाइल: अगर किसी ऐसे इंसान ने आपको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है, जिसकी प्रोफाइल किसी सेलिब्रिटी के होने का दावा करती है तो सावधान हो जाएं। कोई भी सेलिब्रिटी ऐसे किसी को रिक्वेस्ट नहीं भेजता। ऐसे केस में 90 प्रतिशत फेक अकाउंट होते हैं। किसी भी सेलिब्रिटी की प्रोफाइल के आगे ब्लू रंग का चेक का निशान बना होगा, जो सिर्फ वेरिफाइड अकाउंट्स में मिलता है। किसी भी सेलिब्रिटी अकाउंट को फॉलो करते समय भी इस बात का ध्यान जरूर रखें।
फेक जेंडर: फेसबुक पर आधे से ज्यादा फेक अकाउंट किसी लड़की के नाम से बनाए जाते हैं। पुरुषों को लड़कियां आकर्षक लगती हैं और लड़कियों से किसी लड़की की अच्छी दोस्ती हो सकती है। इसलिए किसी भी अनजान लड़की को दोस्त बनाने से पहले पूरी तरह से जांच पड़ताल कर लें।
ना करें अजनबियों से बात: अगर कोई आपको प्राइवेट मैसेज भेज रहा है, तो उसकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने से पहले कम से कम दो बार सोच लें। अगर आप किसी अजनबी की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करना चाहते हैं, तो उसके असली दोस्तों, प्रोफाइल पिक्चर के बारे में जांच-पड़ताल करने से झिझकें मत।
प्राइवेसी सेटिंग्स का रखें ख्याल: फेसबुक पर यूजर्स अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स का ख्याल रखें। अपनी फोटोज को लॉक करके रखें। इसके अलावा, यूजर्स अपनी फेसबुक प्रोफाइल की सेटिंग्स में जाकर प्राइवेसी लॉक भी लगा सकते हैं। इसमें कौन मैसेज कर सकता है, कौन फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज सकता है, कौन नोटिफिकेशन भेज सकता है और कौन टैग कर सकता है, इन सब फीचर्स पर यूजर्स अपने हिसाब से लॉक लगा सकते हैं।
बर्थ डेट चेक करें: यह बात ध्यान देने योग्य है कि फेसबुक पर फेक अकाउंट बनाने वाले लोग 01/01/XXXX और 31/12/XXXX जैसी डेट ऑफ बर्थ का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। अगर कोई अजीब डेट ऑफ बर्थ दिखे तो उसे पहले जांच लें।
प्रोफाइल को ध्यान से पढ़ें: जो लोग फेक अकाउंट बनाते हैं, उनकी प्रोफाइल में या तो एजुकेशन डिटेल्स होती ही नहीं है या फिर किसी ऊंचे संस्थान का नाम दिया होता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई 24 साल का व्यक्ति दावा करता है कि वो किसी कंपनी का CEO है, तो यह अकाउंट फेक हो सकता है। ऐसे लोगों से बचना चाहिए।


साभार: भास्कर समाचार
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अखरोट: प्रकृति का वरदान

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अखरोट एक बेहतरीन फूड है। इसमें ALA (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) होता है, जो बेहद उपयोगी तत्व है। शाकाहारी लोगों के लिए यह कुदरत का वरदान है। इसे कई रूपों में आहार में शामिल किया जा सकता है। मसलन सैलेड के साथ, पास्ता, डिप्स, स्प्रेड और आइसक्रीम व ब्राउनी के साथ इसका उपयोग आसानी से किया जा सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत ही अच्छा माना जाता है। अखरोट में फाइबर, विटामिन बी, मैग्नीशियम और एंटी

ये छह बिलकुल आसान व्यायाम, कभी भी कहीं भी

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कहते हैं योग और प्राणायाम से कई असाध्य बीमारियों को ठीक किया जा सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाथों से बनाई गई योग मुद्राएं भी उतनी ही कारगर हैं। जी हां, हथेलियों से बनाई जाने वाली ये मुद्राएं बिना ज्यादा मेहनत किए आपको हमेशा स्वस्थ बनाए रखती हैं। आईए, आज जानते हैं ऐसी ही कुछ योग मुद्राओं के बारे में, जो कुछ प्रॉब्लम्स में बेहद असरदार हैं। 
ज्ञान मुद्रा: किसी शांत और शुद्ध वातावरण वाले स्थान पर कंबल बिछाकर पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रख लें। अंगूठे के पास वाली तर्जनी उंगली (इंडेक्स फिंगर) के ऊपर के पोर को अंगूठे के ऊपर वाले पोर से मिलाकर हल्का-सा दबाव दें। हाथ की बाकी की तीनों उंगलियां बिल्कुल एक साथ लगी हुई और सीधी रहनी चाहिए। अंगूठे और तर्जनी उंगली के मिलने से जो मुद्रा बनती है, उसे ही ज्ञान मुद्रा कहते हैं। ध्यान लगाते समय सबसे ज्यादा ज्ञान मुद्रा का इस्तेमाल किया जाता है। 
ज्ञान मुद्रा के लाभ: ज्ञान मुद्रा के नियमित अभ्यास से अनिद्रा दूर करने