हरियाणा में मौसम ने करवट ली है। गुरुवार को दिन में बादल छाए रहे। वजह, एक मजबूत पश्चिम विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में दस्तक देने जा रहा है। इसका असर हरियाणा में भी दिखेगा। इससे प्रदेश
के अधिकतर इलाकों में बारिश के आसार हैं। कुछ जगहों पर तो भारी बरसात भी हो सकती है। प्रदेश में करीब 25.50 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 5 लाख हेक्टेयर में सरसों, चना सब्जी की फसल लगी है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। सितंबर में मानसून के विदा होने के बाद से कोई बड़ी बरसात नहीं हुई है। ऐसे में एक अच्छी बारिश से रबी फसलों को खासा लाभ होगा। उधर, उत्तर भारत ज्यादातर इलाके कोहरे की चपेट में रहे। सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह से प्रभावित रहा।
प्रदेश में 8 जनवरी तक बारिश की संभावना बनी हुई है। मानसून के लौटने के बाद करीब 3 माह से प्रदेश में बरसात नहीं हुई है। साथ ही मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों पर बारिश- बर्फबारी के बाद मैदानों में ठंड बढ़ेगी। ऐसे में हरियाणा में जनवरी के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है।
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साभार: भास्कर समाचार
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