Saturday, October 8, 2016

सराहनीय कदम: हरियाणा में बनेंगे 'बाल मित्र ग्राम' जिनमें 15 से 18 के किशोर होंगे बाल पंचायत के सदस्य

हरियाणा में अब 'बाल मित्र ग्राम' बनाए जाएंगे। गांव के बच्चों को अपनी बात रखने का मंच देना तथा उन्हें हक दिलाने के लिए गांव में ही 'बाल पंचायत' भी होगी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की आेर से इसे लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। प्रथम चरण में योजना के अंतर्गत 14 राज्य होंगे, जिनमें हरियाणा काे भी शामिल
किया गया है। नेशनल कमीशन की गाइड लाइन के अनुसार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। राज्य में झज्जर के बाद रेवाड़ी ऐसा दूसरा जिला है, जहां गांवों को चिह्नित करने की रणनीति तैयार हो चुकी है। शुक्रवार को रेवाड़ी पहुंच राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य बीके गोयल भास्कर से विशेष बातचीत में ये जानकारी दी। 
15-18 आयु के किशोरों की होगी बाल पंचायत: जितने भी बाल मित्र ग्राम होंगे उनमें बाल पंचायत अनिवार्य रूप से होगी। इसमें मुख्य तौर से 15 से 18 वर्ष के किशोर होंगे। जो कि अपना प्रतिनिधि भी चुन सकेंगे। गांव में यदि खेल मैदान बनाना है तो ये बाल पंचायत में तय होगा कि कौन से खेल का मैदान हाे। यह प्रस्ताव गांव की पंचायत के समक्ष रक्षा जाएगा, जिसे माना जाएगा। स्कूल हरा-भरा हो, शौचालय साफ हो जैसी बातें भी इस पंचायत में होंगी। 
Post published at www.nareshjangra.blogspot.com
साभार: भास्कर समाचार 
For getting Job-alerts and Education News, join our Facebook Group “EMPLOYMENT BULLETIN” by clicking HERE. Please like our Facebook Page HARSAMACHAR for other important updates from each and every field.