Monday, February 1, 2016

वैदिक शिक्षा बोर्ड के गठन का होगा प्रयास: बाबा रामदेव

स्वामी दयानंद की शिक्षाओं को ग्रहण कर गुरु ने गृहस्थ त्याग जीवन जीने के लिए चरित्र निर्माण व राष्ट्रहित के लिए जिन मूल्यों को जीवन में उतारा, अब उनके शिष्यों ने उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। आचार्य बलदेव की रविवार को कालवा गुरुकुल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल योगगुरु रामदेव सहित देश के
कोने-कोने से पहुंचे उनके शिष्यों ने कुछ ऐसे ही संकल्पों के साथ अपने गुरु को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने गुरुकुल पद्धति, गो सेवा व आर्य समाज का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर वैदिक पद्धति की नए सिरे से अलख जगाने की प्रतिबद्धता जताई। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। इस क्रम को आगे बढ़ाने के लिए बाबा रामदेव ने न केवल सभी आर्य समाजी संगठनों को बल्कि गुरुकुल तथा स्वामी दयानंद से जुड़े संगठनों डीएवी व गोसेवा में अपनी तरफ से पहल करने के साथ-साथ आचार्य बलदेव द्वारा स्थापित धड़ौली गोशाला को दो करोड़ की आर्थिक सहायता देने के अलावा प्रतिमाह गायों की खुराक के रूप में 15 लाख रुपये का दाना देने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने पंतजलि योग पीठ द्वारा हरिद्वार, असम व मध्यप्रदेश में बनाई राष्ट्रीय स्तर की आदर्श गोशालाओं में धड़ौली गोशाला को भी शामिल करने की बात कही। आचार्य बलदेव से शिक्षा ग्रहण करने वाले तथा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनसे जुड़े रहे आचार्यो ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भले ही अलग-अलग शब्दों का सहारा लिया हो, परंतु सभी का मकसद केवल आचार्य द्वारा अपने जीवनकाल में निर्धारित किये गए लक्ष्यों को पूरा करना ही था। 
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साभारजागरण समाचार 
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